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Iffat Zia
· Akhlaq · 3 min read

Allah Ki Qudrat in Hindi: अल्लाह की कुदरत के 7 बड़े करिश्मे

Allah Ki Qudrat: आसमान, ज़मीन, बारिश और खुद हमारे जिस्म में अल्लाह की कुदरत की बेशुमार निशानियां हैं। जानिए अल्लाह की उन नेमतों के बारे में जिन्हें हम रोज़ देखते हैं मगर गौर नहीं करते।

Allah Ki Qudrat in Hindi: अल्लाह की कुदरत के 7 बड़े करिश्मे

Table of Contents

अल्लाह की कुदरत (Allah Ki Qudrat) इतनी वसी (विशाल) है कि अगर हम दुनिया के समंदरों को स्याही (Ink) बना लें और सारे पेड़ों को कलम, तब भी अल्लाह की तारीफ और उसकी कुदरत के करिश्मे लिखते-लिखते सब खत्म हो जाएगा, मगर उसकी बातें खत्म नहीं होंगी।

कुरान में अल्लाह बार-बार फरमाता है: “तुम अपने रब की कौन-कौन सी नेमतों को झुठलाओगे?” (सूरह रहमान)

इस आर्टिकल में हम अल्लाह की कुदरत की कुछ ऐसी निशानियों पर गौर करेंगे जो हमारे आस-पास मौजूद हैं, लेकिन हम अक्सर उन पर ध्यान नहीं देते।

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1. आसमान और ज़मीन की बनावट

कभी आसमान की तरफ देखें। इतना बड़ा आसमान बिना किसी खंभे (Pillar) के कैसे खड़ा है? यह सिर्फ Allah Ki Qudrat है।

  • दिन में सूरज का निकलना जो हमें रौशनी और गर्मी देता है।
  • रात में चाँद और तारों का चमकना जो हमें ठंडक और रास्ता दिखाते हैं।
  • ज़मीन को बिछौना बनाना ताकि हम उस पर आराम से रह सकें।

2. बारिश का निज़ाम

हवाओं का चलना, बादलों का बनना और फिर सूखी ज़मीन पर पानी का बरसना। यह सब एक बेहतरीन सिस्टम है। अल्लाह कुरान में फरमाता है कि वह मुर्दा ज़मीन को बारिश के ज़रिए ज़िंदा कर देता है। उसी तरह वह कयामत के दिन इंसानों को दोबारा ज़िंदा करेगा।

3. समंदर और पानी

समंदर में पानी का इतना बड़ा ज़खीरा है, फिर भी वह अपनी हद पार नहीं करता।

  • मीठा और खारा पानी: अल्लाह ने दो समंदरों को मिलाया, एक का पानी मीठा और प्यास बुझाने वाला, दूसरे का खारा और कड़वा। दोनों साथ बहते हैं मगर आपस में मिलते नहीं (उनके बीच एक पर्दा है)। यह अल्लाह की बहुत बड़ी निशानी है।

4. नींद (Sleep)

नींद भी अल्लाह की एक बहुत बड़ी नेमत है। दिन भर की थकान के बाद जब हम सोते हैं, तो हमारी रूह एक तरह से अल्लाह के पास जाती है और सुबह फिर ताज़ा होकर लौट आती है। कुरान में नींद को “सुकून” का जरिया बताया गया है। अगर नींद न हो, तो इंसान पागल हो जाए।

5. हमारा अपना जिस्म (Human Body)

अल्लाह फरमाता है: “और खुद तुम्हारे नफ्स (जिस्म) में भी निशानियां हैं, क्या तुम देखते नहीं?”

  • ज़बान: एक ही गोश्त का टुकड़ा है, लेकिन इससे हम हज़ारों तरह के ज़ायके (Taste) चखते हैं और बोल पाते हैं।
  • आँखें: छोटी सी आँखें पूरी दुनिया के रंग देख सकती हैं।
  • साँस: हम हर पल हवा अंदर लेते हैं और बाहर निकालते हैं, यह सब अल्लाह के हुक्म से चल रहा है।

6. रंग-बिरंगे फल और फूल

मिट्टी एक ही है, पानी एक ही है, लेकिन उससे उगने वाले फलों और फूलों का रंग, खुशबू और मज़ा अलग-अलग है। आम मीठा है, तो नींबू खट्टा। यह विविधता (Variety) अल्लाह की कुदरत का करिश्मा है।


अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q. अल्लाह की कुदरत पर गौर करने का क्या फायदा है?
A.

जब हम अल्लाह की बनाई चीज़ों पर गौर करते हैं, तो हमारा ईमान मज़बूत होता है और दिल से बे-साख्ता निकलता है “सुभानअल्लाह”।

Q. क्या साइंस अल्लाह की कुदरत को मानती है?
A.

साइंस आज जिन चीज़ों की खोज कर रही है (जैसे बिग बैंग, एम्ब्रियोलॉजी), कुरान ने 1400 साल पहले ही उनकी तरफ इशारा कर दिया था। साइंस अल्लाह की कुदरत को समझने का एक जरिया है।

Q. इंसान को अल्लाह ने किस चीज़ से बनाया?
A.

अल्लाह ने इंसान को खनकती हुई मिट्टी (Clay) से बनाया और फिर उसमें अपनी रूह फूंकी।


नतीजा (Conclusion)

दोस्तों, अल्लाह की कुदरत हर जगह मौजूद है। ज़रूरत है तो बस देखने वाली आँख और महसूस करने वाले दिल की। हमें चाहिए कि हम अल्लाह की नेमतों का शुक्र अदा करें और उसकी इबादत में कोताही न करें।

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