ज़कात की मालूमात

ज़कात की मालूमात

इस्लाम की पांच बुनियादी बातें तौहीद, नमाज़, रोज़ा, ज़कात और हज है। तो जाहिर है कि जकात इस्लाम की 5 बुनियादी चीजों में से एक है। ज़कात तुम्हारी कमाई में गरीबों और मिस्कीनों का हक है।” और ज़कात किसे देनी चाहिए

Surah Waqiah In Hindi (2022)
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Surah Waqiah In Hindi (2022)

सूरह वाक़िया मक्की सूरह है और इस सूरह में 96 आयतें हैं। आज के इस आर्टिकल हमने आसान लफ्ज़ो में और surah waqiah in hindi में बताई है जिससे आप आसानी से पढ़ सके और समझ सके।

अल्लाह की रहमत

अल्लाह की रहमत

Allah ki Rehmat अल्लाह सुभानहू वा ताअला की रहमत हर उस शख्श के लिए है जो उसके सामने हाथ फैलाये बैठा है। बेशक वो रहम करने वाला और माफ़ करने वाला है। अल्लाह सुभानहू वा ताअला अपने बन्दों से फरमाते है की तुम इतने गुनाह करो की पूरी ज़मीन और पूरा आस्मां तुम्हारे गुनाहो से भर जाये और उसके बाद भी मैं तुम्हारे एक तौबा करने पर उन सारे गुनाहो को माफ़ कर दूंगा।

बकरा ईद का महत्व और इससे जुड़ें रोचक तथ्य

बकरा ईद का महत्व और इससे जुड़ें रोचक तथ्य

bakra eid ka mahatva ईद-उल-अज़हा यानी बकरा ईद मुस्लिम धर्म के समाज का दूसरा सबसे बड़ा त्योहार माना जाता है। बकरीईद आपसी भाईचारे और बलिदान का त्योहार माना जाता है। इस दिन सुबह सवेरे नमाज पढ़ कर त्योहार की शुरुआत की जाती है।

क़यामत की निशानियाँ – क़ुरानों सुन्नत की रोशनी में

क़यामत की निशानियाँ – क़ुरानों सुन्नत की रोशनी में

Qayamat ki Nishanian क़ुरानों सुन्नत की रोशनी में नबी करीम (स०अ०) ने हमें क़यामत की निशानियाँ बता दी हैं। बेशक कयामत की निशानीयो मे से ये भी निशानी है, इल्म का उठ जाना, जहालत का फैल जाना।

नबी सo की सुन्नत पर अमल करे

नबी सo की सुन्नत पर अमल करे

आज हम लोग अपने को नबी सल्लाहु अलैहि वसल्लम से मुहब्बत करने का दावा तो करते है लेकिन सही मायने में Nabi Ki Sunnat क्या है? या तो हमें मालूम नहीं या फिर मालूम है भी तो अमल नहीं करते।

इल्म की अहमियत

इल्म की अहमियत

क़ुरान व हदीस की रौशनी Ilm Ki Ahmiyat रसूल-अल्लाह सलअल्लाहू अलैही वसल्लम ने फरमाया कि उस मुसलमान के लिए जन्नत का रास्ता आसान होगा जो इल्म ताल्लुक से यू तो अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त ने क़ुरआन में कई आयतें नाज़िल की है. कुछ का तज़किरा हम इस पोस्ट में करते हैं

Six Kalimas Videos

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Kalma इस्लाम का वो दरवाजा है जो की हमारे दीन और ईमान की जड़ व बुनियाद है।इन्ही कलमों को पढ़कर लोग उम्र भर के काफिर से मुस्लिम मोमिन और मुसलमान बन जाते हैं।

Quran Surah Videos

Quran Surah Videos

Quran Surah अल्लाह तआला इरशाद फ़रमाता है- जब क़ुरान पढ़ा जाए तो उसे कान लगाकर सुनो और ख़ामोश रहो कि तुम पर रहम हो,सुलल्लाहो अलैहे व सल्लम ने फ़रमाया जो क़ुरान पाक पढ़ेगा और उसके मुताबिक़ अमल करेगा, क़यामत के दिन अल्लाह तआला उसके माँ-बाप को एक ताज पहनाएगा।