Jannat kya hai | जन्नत का हसीन मंजर

jannat me kya kya hota hai

अस्सलामो अलेकुम दोस्तों jannat kya hai इस बारे में जानने के लिए आप इस आर्टिकल को आखिर तक पढ़ें। मैं बहुत दिनो से अपनी फुफी के घर नही गई थी तो मैंने सोचा क्यों ना इन कॉलेज की छुट्टियों में अपने फुफी के घर जाया जाए तो मैं छुट्टी मनाने अपनी फूफी के यहां चली गई। मेरी फूफी की बेटी मेरी बहुत अच्छी दोस्त है तो मैं जब भी अपने फुफी के घर जाती हूं तो मैं अपना पूरा समय अपनी फूफी की बेटी शनाया के साथ ही बताती हूं। और मैं कभी-कभी तो उसके साथ उसके अरबी ट्यूशन भी चली जाती हूं।

तो ऐसे ही शनाया अपने अरबी ट्यूशन जाने के लिए रेडी हो रही थी तो मैंने उससे कहा कि आज मैं भी जाऊंगी तो उसने कहा कि ठीक है चलो और मैं बहुत खुश थी कि मुझे उस दिन उसके साथ अरबी ट्यूशन जाने का मौका मिला क्योंकि उस दिन शनाया की अरबी टीचर ने इतनी अच्छी बातें बताई जो मैं आप लोगों के साथ शेयर करना चाहती हूं शनाया की अरबी टीचर ने बताया कि jannat kya hai जन्नत क्या है।

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जन्नत क्या है

शनाया की अरबी टीचर ने बताया कि जन्नत एक आराम और सुकुन की जगह है जो सुकून और आराम हमें दुनिया में कभी नहीं मिल सकता और ये सुकून और आराम सिर्फ ईमान वालों के लिए ही है। जो बंदा अल्लाह के बनाए हुए रास्ते पर चलता है और नेकी का अमल हासिल करता है ऐसे लोगों के लिए जन्नत का दरवाजा खुलता है।

जन्नत में बीमारी मौत बुढ़ापा जैसी चीजें नहीं होती बल्कि वहां पर बेशुमार सुकून है जो दुनिया के किसी कोने में भी मौजूद नहीं है। दुनिया में हमें जो चीज चाहिए होती है उसके लिए हमें बहुत मेहनत करनी पड़ती है और कभी-कभी तो ऐसा होता है कि हमें जो चीज चाहिए होती है वह हमें मिलती भी नहीं लेकिन जन्नत में वो हर चीज हमें मिल सकती है जो हम चाहते हैं।

जन्नत की हवा से लेकर जन्नत के ऐशो आराम सिर्फ ऐसे लोगों को मिलते हैं जो दुनिया में किसी चीज की हवस नहीं करते बल्कि उन चीजों में खुश रहते हैं जो अल्लाह पाक उन्हें देते हैं। यह सब कुछ मेहमान के तौर पर होगा जो बहुत बख्शने वाले निहायत मेहरबान है।

शनाया के अरबी ट्यूशन में जुमेरात के दिन छोटे बच्चों और बड़े बच्चों की एक साथ क्लास होती है क्योंकि जुमेरात ( थर्सडे ) के दिन शनाया की अरबी टीचर इस्लामिक दिन तालीम की बातें बताती है जो बच्चों और बड़ों सभी को जानना बहुत जरूरी है।

अल्लाह का फरमान

शनाया की अरबी टीचर का नाम जुबैदा है और सभी सागिर्द उन्हें अप्पी कहते है। तो शनाया ने पूछा कि कैसे लोगों को जन्नत में जगह मिलती है।

जुबैदा अप्पी? तो उन्होंने बताया कि अल्लाह पाक फरमाते हैं की अच्छे अमल करने वाले जन्नत में हमेशा रहने के काबिल है जब वह जन्नत में दाखिल होंगे तब उन्हें सोने के कंगन और मोती पहनाए जाएंगे और उनका लिबास रेशम का लिबास होगा। और वह उन बागों में दाखिल होंगे जहां सबसे फल होंगे।

जो रंजो गम दुनिया में बंदे झेल लेते हैं जन्नत में जाने के बाद हर किस्म के रंज और गम दूर हो जाएंगे। हमारा रब हमें कभी निराश नहीं करता बस वह देखता है कि वह जो खुशी से देता है कौन-कौन उसे अपना नसीब समझकर रखता है।

जो लोग अल्लाह की दी हुई नेमतों से खुश होते हैं किसी चीज का लालच नहीं करते और ना ही दूसरों के पास खुद से ज्यादा नेमतें देखकर मन ही मन अल्लाह से शिकायत करते हैं ऐसे लोगों को अल्लाह पाक बहुत पसंद करते हैं और अल्लाह पाक या तो दुनिया में ही उसे अपनी खुशी से सारी नेमतें दे देते हैं या फिर जन्नत में लाकर उसकी सारी ख्वाहिशों को पूरा करते हैं।

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जन्नत का मंज़र

फिर एक बच्चे ने पूछा कि जुबैदा अप्पी जन्नत दिखने में कैसा है। तो फिर उन्होंने बताया कि” हजरत अनस बिन मालिक (रजी०)”रवायत करते है।

की रसूल अल्लाह “सल्लललाहो अलैहि वसल्लम” ने जन्नत का मंजर बताया उन्होंने कहा की जन्नत मे चलने के दौरान उनका सामना एक नहर से हुआ उसके दोनो किनारे में मोतीयों से तैयार किए हुए गुंबद बने थे उन्होंने जिब्रील अलैहि सलाम से पूछा ये क्या हैं तो उन्होंने बताया की ये नहर” कौसर’ है।

जो आपके रब ने आपको अता की है फिर हुज़ूर सल्लल्लाहों अलैहि वसल्लम ने देखा कि नहर कौसर के सामने जो मिट्टी है वो बहुत ही खुशबूदार मिट्टी है। फिर हजरत सहल बिन साद से रिवायत कर नबी करीम सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम ने बताया की जन्नत में जो भी है वो दुनिया से लाख गुना बेहतर है और ज्यादा कीमती है।

फिर नबी करीम ( स०अ०) ने जन्नत की दीवार के बारे में बताया की जन्नत की दीवार की एक ईट सोने की है और एक चांदी की है और इसकी मिट्टी जाफरान की है और गारा कस्तूरी का है। ये सब बातें सुनकर छोटे से बच्चे ने सुब्हानअल्लाह कहा उसकी तोतली आवाज में सुब्हानअल्लाह सुनकर सभी मुस्कुराने लगे। तो जुबैदा अप्पी ने कहा कि अल्लाह की कुदरत और करिश्मों के बारे में सुनकर सुब्हानअल्लाह कहना जरूरी है।

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जन्नत का मौसम

फिर जुबैदा अप्पी ने सब से सवाल किया कि क्या कोई अंदाजा लगा सकता है कि जन्नत का मौसम कैसा होगा तो किसी ने कहा कि बहुत सर्द तो किसी ने कहा कि गर्म फिर अप्पी ने बताया की जन्नत में ना गर्मी होती है और ना ही सर्दी होती है क्योंकि जन्नत में ना सूरज है और ना ही चांद है।

तो सब ने सवाल करना शुरू किया कि बिना मौसम के जन्नत खूबसूरत कैसे हो सकती है तो उन्होंने बताया कि जब जुनुब की हवा जन्नत में चलती है तो जन्नत में ऐसा मौसम आता है जो हमें दुनिया में देखने नहीं मिल सकता वह मौसम इतना अच्छा होता है कि ना इंसान को ठंड लगती है और ना ही गर्मी लगती है बस बहुत ही सुकून महसूस होता है।

जन्नत की नहर

इसके बाद उन्होंने बताया कि जन्नत में 4 तरह की नहर होती है सबसे पहला –

  1. पानी वाली नहर जिसका नाम सेहुन है।
  2. शहद वाली नहर जिसका नाम मील है।
  3. दूध वाली नहर जिसका नाम दजला है।

फिर उन्होंने बताया कि जन्नत में एक ऐसी नहर है जिसका पानी दूध से ज्यादा सफेद और शहद से ज्यादा मीठा है और बर्फ से ज्यादा ठंडा है जिसका नाम “रजब “है। और कहा गया है कि जो रजब के महीने में रोजे रखेंगे उन्हें इस नहर का पानी पीने दिया जाएगा।

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जन्नत का दरख्त

जन्नत मे हर तरह के फलदार दरख़्त है लेकिन खजूर अनार और अंगूर के दरख्त बेतहाशा है। जन्नत में जितने भी दरख़्त है फल ,फूल है सभी चीजें बगैर काटो के होंगे। तो बच्चे पूछने लगे कि जन्नत में भी दरख़्त है उन्हें कौन लगाता होगा और उनकी देखभाल कौन करता होगा तो जुबैदा अप्पी ने बताया की वहां फलो दरख़्तों की देखभाल फरिश्ते करते हैं इसलिए वो फल सबसे ज्यादा लजीज होते हैं।

जन्नत की हूरें (अपसराये)

अप्पी ने कहा की दुनिया में कितनी खूबसूरत खूबसूरत लड़कियां है जिन्हें लोग देखते हैं तो देखते ही रह जाते हैं लेकिन अगर वह जन्नत की हूरों को देख ले तो मुसलसल 40 साल तक बिना आंखें झपके देखते ही रहेंगे और जन्नत की हूरों के साथ जन्नती मर्दों का निकाह होगा और वह आपस में हम उम्र होंगे। वो हूरें ऐसी होगी जिन्हें पहले कभी भी किसी मर्द या जीन ने हाथ नहीं लगाया होगा।

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जन्नत के लिबास

अप्पी ने बताया कि दुनिया में लोग जिस तरह के कपड़े पहनते हैं जन्नत में ऐसे कपड़े बिल्कुल नहीं होते वहां पर कपड़ों में बारीक रेशम और सब्ज लिबास पहने जाते हैं और हाथों में सोने के कंगन इस्तेमाल किए जाते हैं।

जन्नत का दरवाजा

जन्नत में ऐसे दरवाजे है जिसमें सबसे पहले रसूल अकरम सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम ही जा सकते हैं और सबसे पहले दरवाजा उनके लिए ही खोला जाएगा। हमारे हुजूर ने फरमाया कि जन्नत में 8 दरवाजे हैं जिनमें से एक का नाम रेयान है जिसमें सिर्फ रोजेदार ही दाखिल हो सकते हैं।

सभी बच्चे इतनी गौर से बातें सुन रहे थे तो मुझे बहुत अच्छा लगा कि सभी को दीन इस्लाम की बातें सुनना अच्छा लगता है और मुझे भी इतना ज्यादा अच्छा लग रहा था कि मैं तो बस सुनती ही जा रही थी फिर मुझे याद आया कि मुझे यह सारी बातें नोट भी करनी है इसलिए मैं बीच-बीच में बातों को नोट भी कर रही थी।

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अल्लाह पाक का दीदार

फिर एक बच्चे ने अप्पी से सवाल किया कि क्या हम जन्नत में अल्लाह पाक को देख सकते हैं तो अप्पी ने बताया कि पहले जन्नत की सबसे बड़ी कामयाबी यही होगी कि अल्लाह रब्बुल इज्जत की हमें रजा हासिल होगी और जन्नत में अल्लाह ताला जन्नतीयों से गुफ्तगू करेंगे। और किसी भी मुसलमान के लिए इससे ज्यादा खुशी की बात और कुछ नहीं हो सकती कि अल्लाह ताला उन्हें अपना दीदार कराएंगे।

फिर जुबैदा अप्पी ने कहा कि इन सभी चीजों के लिए हमें नेकी करनी होगी और नेकी का मतलब सिर्फ नमाज रोजा और कुरान नहीं बल्कि अपनी बातों में मिठास रखना बड़ों की इज्जत करना और छोटों से प्यार करना भी बहुत जरूरी है।

इसके बाद अप्पी ने सभी को छुट्टी दे दी और बात को यहीं खत्म कर दिया उन्होंने जन्नत के बारे में बहुत प्यारी प्यारी बातें बताई तो मैंने आप लोगों के साथ उस इन सभी बातों को शेयर कर दीया क्योंकि आजकल दिन तालीम की बातें बताने वाले लोग बहुत ही कम है इसलिए आप इस पोस्ट को पढ़कर ही जन्नत के बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं।

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