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- हर मुसलमान जान ले सूरह यासीन की फ़ज़ीलत और बरकतेंहुजूर अकरम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इरशाद फरमाया जो शख्स दिन के शुरू हिस्से में सुरेह यासीन पढ़ लेता है तो उसके पूरे दिन की जरूरते सुरेह यासीन की बरकत से पूरी कर दी जाती है। सूरेह यासीन से हमारे बिगड़े हुए काम बनते हैं। इस आर्टिकल में मै बताऊगी सूरह यासीन की फ़ज़ीलत और… Read more: हर मुसलमान जान ले सूरह यासीन की फ़ज़ीलत और बरकतें
- जान ले सुरेह इखलास की ये खास फजीलतअपनी परेशानी के वक्त सूरह इखलास की तिलावत करने से सारी परेशानियां दूर हो जाती है और सुरह इखलास नबी करीम सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम रोजाना पढ़ा करते थे। इस वीडियो में मैं आपको सुरेह इखलास की सारी फजीलत बताने वाली हूं और इसके हैरतअंगेज फायदे भी है इसके फायदे और फजीलत जानने के लिए आर्टिकल… Read more: जान ले सुरेह इखलास की ये खास फजीलत
- हर मुसलमान जान ले सूरह वाकिया के हैरत अंगेज फायदे और बरकतेंजिन घरों में रिज्क की कमी होती है बरकत और दौलत नहीं होती उस घर में अगर रोज सूरह वाकिया की तिलावत की जाए तो वह घर रिज्क और बरकतों से भर जाता है। इस आर्टिकल में मैं सूरह वाकिया के हैरतअंगेज फायदे बताऊंगी जिसे जानकर आप हैरान हो जाएंगे। आर्टिकल को पूरा पढ़े क्योंकि… Read more: हर मुसलमान जान ले सूरह वाकिया के हैरत अंगेज फायदे और बरकतें
- इस्लामिक कैलेंडर नेम इन हिंदीहम लोग दिन, तारीख, साल, महीना सभी चीजें उसी हिसाब से मानते हैं जिस हिसाब से पूरी दुनिया मानती है लेकिन हमारे इस्लाम में इस्लामिक कैलेंडर है जो हमें हिजरी से मिला है और इनमें जो दिन तारीख है उसी हिसाब से हमें चलना चाहिए।हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम ने जब मक्का से निकलकर मदीना में दाखिला हुए तो इसे हिजरत नाम दिया गया जिस दिन वह मदीना गए उस दिन को हिजरी कैलेंडर के रूप में शुरू किया गया। इस्लामिक कैलेंडर में हर साल हर महीने करीब 10 दिन पीछे खिसकते रहते हैं।




