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Iffat Zia
· Quran · 3 min read

Surah Falaq in Hindi - सूरह फलक हिंदी तर्जुमा और फजीलत

Surah Falaq in Hindi (सूरह फलक): पढ़िए सूरह फलक का हिंदी तर्जुमा, इंग्लिश ट्रांसलेशन और इसकी फजीलत। जानिए इसे जादू और हसद से बचने के लिए क्यों पढ़ा जाता है।

Surah Falaq in Hindi - सूरह फलक हिंदी तर्जुमा और फजीलत

Table of Contents

सूरह फलक (Surah Falaq) कुरान मजीद की 113वीं सूरह है। यह सूरह और सूरह नास मिलकर “मुअव्विज़तैन” (Mu’awwidhatayn) कहलाती हैं, यानी पनाह मांगने वाली दो सूरतें।

यह सूरह हर तरह के जादू, हसद (जलन) और रात के अंधेरे के शर से बचने के लिए बेहतरीन दुआ है। जब नबी करीम (ﷺ) पर जादू किया गया था, तब अल्लाह ने ये सूरतें नाज़िल फरमाई थीं।

इस आर्टिकल में हम Surah Falaq in Hindi, इसका तर्जुमा और फजीलत तफसील से जानेंगे।

ये भी पढ़े: Surah Naas in Hindi | सूरह नास हिंदी तर्जुमा

Surah Falaq Hindi Tarjuma (Transliteration & Translation)

बिस्मिल्लाहिर रहमानिर रहीम
(शुरू अल्लाह के नाम से जो बड़ा मेहरबान, निहायत रहम वाला है)

  1. कुल अऊज़ु बिरब्बिन फलक
    (कह दीजिए! मैं पनाह मांगता हूँ सुबह के रब की।)

  2. मिन शररि मा ख़लक़
    (हर उस चीज़ के शर (बुराई) से जो उसने पैदा की।)

  3. वमिन शररि ग़ासिकिन इज़ा वकब
    (और अंधेरी रात के शर से जब वो छा जाए।)

  4. वमिन शररिन नफ़्फ़ासाति फ़िल उक़द
    (और उन (औरतों/जादूगरनियों) के शर से जो गिरहों (गांठों) में फूंक मारती हैं।)

  5. वमिन शररि हासिदिन इज़ा हसद
    (और हसद (जलन) करने वाले के शर से जब वो हसद करे।)


Surah Falaq in English Translation

  1. Say, “I seek refuge in the Lord of daybreak
  2. From the evil of that which He created
  3. And from the evil of darkness when it settles
  4. And from the evil of the blowers in knots
  5. And from the evil of an envier when he envies.”

सूरह फलक की फजीलत (Benefits of Surah Falaq)

  1. जादू का इलाज: जब लबीद बिन आसम ने नबी (ﷺ) पर जादू किया था, तब जिब्रील (अ.) यह सूरह लेकर आए। इसे पढ़ने से जादू का असर खत्म हो गया।
  2. हसद से हिफाज़त: यह सूरह हसद (Jealousy) करने वालों की बुरी नज़र और जलन से बचाती है।
  3. हर शर से पनाह: हदीस में है कि जो शख्स सुबह-शाम 3-3 बार सूरह इखलास, सूरह फलक और सूरह नास पढ़ेगा, तो यह उसे हर चीज़ (परेशानी) से काफी हो जाएंगी। (तिर्मिज़ी)
  4. सोने से पहले: नबी (ﷺ) हर रात सोने से पहले मुअव्विज़तैन (फलक और नास) पढ़कर अपने हाथों पर फूंकते और जिस्म पर फेरते थे।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q. सूरह फलक का मतलब क्या है?
A.

‘फलक’ का मतलब है ‘सुबह’ या ‘पौ फटना’। इसमें अल्लाह को ‘सुबह का रब’ कहकर पुकारा गया है जो अंधेरे को चीरकर रोशनी लाता है।

Q. नफ़्फ़ासाति फ़िल उक़द का क्या मतलब है?
A.

इसका मतलब है “गांठों में फूंक मारने वाली औरतें”। यह जादूगरनियों की तरफ इशारा है जो धागे में गांठ लगाकर उस पर मंत्र पढ़कर फूंकती थीं।

Q. हसद (Hasad) क्या है?
A.

किसी की नेमत को देखकर जलना और यह चाहना कि उससे वो नेमत छिन जाए, इसे हसद कहते हैं। सूरह फलक इससे पनाह मांगती है।


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अल्लाह हमें कुरान को समझ कर पढ़ने और हर तरह के शर से महफूज़ रहने की तौफीक अता फरमाए। आमीन।

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