· Iffat Zia · Masail · 3 min read
Islam Aur Andhvishwas - अंधविश्वास की हकीकत और इलाज
Islam Aur Andhvishwas: क्या बिल्ली का रास्ता काटना या आँख फड़कना सच में मनहूस है? जानिए इस्लाम में अंधविश्वास (Superstition) की क्या हकीकत है और इससे कैसे बचें।

Table of Contents
अंधविश्वास (Andhvishwas) या वहम एक ऐसी बीमारी है जो इंसान के ईमान को कमज़ोर कर देती है। इस्लाम एक तार्किक (Logical) और फितरती दीन है जो हमें हर तरह के वहम और डर से आज़ाद करता है।
अक्सर हम सुनते हैं कि “बिल्ली रास्ता काट गई” या “आँख फड़क रही है”, और लोग इसे बुरा शगुन (Bad Omen) मान लेते हैं।
इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि Islam Aur Andhvishwas की क्या हकीकत है और एक मुसलमान को इन चीज़ों पर यकीन करना चाहिए या नहीं।
ये भी पढ़े: Surah Naas in Hindi | सूरह नास तर्जुमा और फजीलत
इस्लाम में अंधविश्वास की हकीकत
इस्लाम में अंधविश्वास या बद-शगुनी (Tiyarah) की कोई गुंजाइश नहीं है। नबी करीम (ﷺ) ने फरमाया: “बद-शगुनी (Bad Omen) लेना शिर्क है।” (तिर्मिज़ी)
यानी किसी चीज़, जानवर या वक्त को मनहूस समझना अल्लाह पर भरोसे की कमी है। नफा और नुकसान का मालिक सिर्फ अल्लाह है।
समाज में फैले कुछ आम अंधविश्वास
हमारे समाज में बहुत से अंधविश्वास फैले हुए हैं जिनका इस्लाम से कोई लेना-देना नहीं है:
- बिल्ली का रास्ता काटना: बिल्ली एक जानवर है, उसके गुजरने से कोई काम नहीं बिगड़ता। काम अल्लाह की मर्ज़ी से बनते या बिगड़ते हैं।
- आँख फड़कना: यह एक शारीरिक क्रिया (Muscle Spasm) है। इसका खुशी या गम से कोई ताल्लुक नहीं।
- मकड़ी के जाले: कुछ लोग मानते हैं कि मकड़ी के जाले से गरीबी आती है। सफाई रखना सुन्नत है, लेकिन इसे मनहूस समझना गलत है।
- रात को झाड़ू लगाना: यह सिर्फ सफाई का मामला है, इससे बरकत नहीं जाती।
- नमाज़ का मुसल्ला पलटना: लोग सोचते हैं कि नमाज़ के बाद मुसल्ला (Janamaz) का कोना न पलटा तो शैतान नमाज़ पढ़ेगा। यह गलत है, शैतान नमाज़ नहीं पढ़ता।
क्या कोई दिन या महीना मनहूस होता है?
इस्लाम में कोई भी दिन या महीना मनहूस नहीं है।
- कुछ लोग सफर (Safar) के महीने को मनहूस मानते हैं।
- कुछ लोग मंगल या शनिवार को भारी दिन मानते हैं।
- नबी (ﷺ) ने फरमाया: “सफर का महीना मनहूस नहीं है।” (बुखारी)
हर दिन अल्लाह का बनाया हुआ है। अगर हम नेक काम करें तो हर दिन मुबारक है, और गुनाह करें तो हर दिन भारी है।
ये भी पढ़े: Surah Kafirun in Hindi | सूरह काफिरून का तर्जुमा
अंधविश्वास का इलाज
अगर आपके दिल में किसी चीज़ को लेकर वहम आए, तो यह दुआ पढ़ें:
“अल्लाहुम्मा ला तैरा इल्ला तैरुका, व ला खैरा इल्ला खैरुका, व ला इलाहा गैरूका” (ऐ अल्लाह! तेरे शगुन के सिवा कोई शगुन नहीं, तेरी भलाई के सिवा कोई भलाई नहीं, और तेरे सिवा कोई माबूद नहीं।)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q. क्या नज़र लगना अंधविश्वास है?
नहीं, नज़र लगना (Evil Eye) हकीकत है। हदीस में है “नज़र का लगना हक़ है”। लेकिन इसका इलाज तावीज़-गंडे नहीं, बल्कि कुरानी दुआएं (जैसे सूरह फलक और नास) हैं।
Q. क्या कौवे के बोलने से मेहमान आते हैं?
Q. क्या शीशा टूटना अपशगुन है?
अल्लाह हमें हर तरह के वहम और शिर्क से महफूज़ रखे और कामिल ईमान नसीब फरमाए। आमीन।
अगर आपको यह आर्टिकल पसंद आया हो, तो इसे अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ शेयर करें।





