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Iffat Zia
· Dua · 3 min read

Toilet Jane Aur Nikalne Ki Dua in Hindi - बैतुल खला की दुआ और सुन्नतें

Toilet Jane Aur Nikalne Ki Dua (बैतुल खला की दुआ): जानिए टॉयलेट जाने और आने की दुआ हिंदी, अरबी और इंग्लिश में। साथ ही जानिए बैतुल खला के आदाब और सुन्नत तरीका।

Toilet Jane Aur Nikalne Ki Dua in Hindi - बैतुल खला की दुआ और सुन्नतें

Table of Contents

बैतुल खला (Toilet) जाना इंसान की ज़रूरत है, लेकिन इस्लाम ने हमें इसके भी आदाब सिखाए हैं। टॉयलेट जिन्नात और शैतानों के रहने की जगह होती है, इसलिए वहां जाने से पहले और निकलने के बाद दुआ पढ़ना बहुत ज़रूरी है ताकि हम उनके शर से महफूज़ रहें।

इस आर्टिकल में हम Toilet Jane Aur Nikalne Ki Dua, इसका हिंदी तर्जुमा और बैतुल खला के आदाब (Etiquettes) जानेंगे।

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Toilet Jane Ki Dua (बैतुल खला जाने की दुआ)

जब आप टॉयलेट (Washroom) में दाखिल होने लगें, तो दाखिल होने से पहले यह दुआ पढ़ें:

Arabic Text

اَللّٰهُمَّ اِنِّىْ اَعُوْذُبِکَ مِنَ الْخُبُثِ وَالْخَبَآئِثِ

Hindi Transliteration

अल्लाहुम्मा इन्नी अऊज़ुबिका मिनल खुबुसि वल खबाइस

Hindi Translation

(ऐ अल्लाह! मैं तेरी पनाह मांगता हूँ खबीस जिन्नों (नर) और खबीस जिन्नियों (मादा) से।)

English Translation

(O Allah, I seek refuge with You from all evil and wicked persons [from male and female devils].)


Toilet Se Nikalne Ki Dua (बैतुल खला से निकलने की दुआ)

जब टॉयलेट से बाहर निकलें, तो पहले दाहिना (Right) पैर बाहर निकालें और यह दुआ पढ़ें:

Arabic Text

غُفْرَانَكَ या اَلْحَمْدُ لِلّٰهِ الَّذِىْ اَذْهَبَ عَنِّى الْاَذٰى وَعَافَانِىْ

Hindi Transliteration

गुफ़रानक या अल्हम्दुलिल्लाहिल्लज़ी अज़हबा अन्निल अज़ा व आफानी

Hindi Translation

(ऐ अल्लाह! मैं तुझसे माफ़ी मांगता हूँ। / सब तारीफें अल्लाह के लिए हैं जिसने मुझसे तकलीफ देने वाली चीज़ दूर की और मुझे चैन (आफियत) दिया।)

English Translation

(I ask Your forgiveness. / All praise is due to Allah who removed the harm from me and gave me health.)

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बैतुल खला के आदाब और सुन्नतें (Etiquettes)

टॉयलेट इस्तेमाल करने के कुछ सुन्नत तरीके हैं:

  1. सर ढकना: टॉयलेट जाने से पहले सर ढक लें (टोपी या कपड़े से)।
  2. जूते पहनना: नंगे पैर न जाएं, चप्पल या जूते पहनें।
  3. दुआ पढ़ना: दाखिल होने से पहले दुआ पढ़ें।
  4. बायां पैर: अंदर जाते वक़्त पहले बायां (Left) पैर रखें।
  5. किबला का ख्याल: पेशाब या पाखाना करते वक़्त किबला (काबा) की तरफ न मुंह करें और न पीठ।
  6. बातचीत न करें: अंदर बोलना या अल्लाह का ज़िक्र करना मना है।
  7. सफाई: इस्तंजा (सफाई) के लिए बाएं (Left) हाथ का इस्तेमाल करें।
  8. दाहिना पैर: बाहर आते वक़्त पहले दाहिना (Right) पैर निकालें।
  9. बाहर की दुआ: बाहर आकर दुआ पढ़ें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q. टॉयलेट में कौन सा पैर पहले रखना चाहिए?
A.

टॉयलेट में दाखिल होते वक़्त बायां (Left) पैर पहले रखना चाहिए और निकलते वक़्त दाहिना (Right) पैर।

Q. अगर दुआ पढ़ना भूल जाएं तो क्या करें?
A.

अगर अंदर जाने के बाद याद आए, तो जुबान से न पढ़ें, बस दिल में सोच लें। बाहर आकर ‘गुफ़रानक’ कह लें।

Q. क्या खड़े होकर पेशाब करना जायज़ है?
A.

बिना मजबूरी के खड़े होकर पेशाब करना मकरूह (नापसंद) है। सुन्नत तरीका बैठकर पेशाब करना है।


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