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Surah Duha in Hindi: सूरह दुहा का तर्जुमा और फजीलत

Surah Duha in Hindi: जब आप उदास हों तो सूरह दुहा पढ़ें। जानिए इसका हिंदी तर्जुमा, मतलब और डिप्रेशन दूर करने का रूहानी इलाज।

Surah Duha in Hindi: सूरह दुहा का तर्जुमा और फजीलत

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सूरह दुहा (Surah Ad-Duha) कुरान मजीद की 93वीं सूरह है। यह मक्का में उस वक़्त नाज़िल हुई जब कुछ दिनों तक वही (Wahi) का सिलसिला रुक गया था और नबी करीम (ﷺ) बहुत गमगीन हो गए थे।

अल्लाह ने इस सूरह के ज़रिए अपने महबूब (ﷺ) को तसल्ली दी। इसलिए इसे “उम्मीद की सूरह” (Surah of Hope) भी कहा जाता है।

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Surah Duha in Hindi (Full Transliteration & Translation)

बिस्मिल्लाहिर रहमानिर रहीम

  1. वद-दुहा।
    (कसम है दिन के उजाले (चाश्त के वक़्त) की।)

  2. वल-लइलि इज़ा सजा।
    (और रात की जब वो छा जाए (सुकून वाली हो जाए)।)

  3. मा वद्द-अका रब्बुका व मा क़ला।
    (तुम्हारे रब ने न तुम्हें छोड़ा है और न वो (तुमसे) नाराज़ हुआ है।)

  4. व लल-आख़िरतु खैरुल-लका मिनल-ऊला।
    (और यकीनन तुम्हारे लिए बाद वाला दौर (आखिरत) पहले वाले (दुनिया) से बेहतर है।)

  5. व ल-सौफा युअ्तीका रब्बुका फ-तरज़ा।
    (और अनकरीब तुम्हारा रब तुम्हें इतना देगा कि तुम राज़ी (खुश) हो जाओगे।)

  6. अलम यजिदका यतीमन फ-आवा।
    (क्या उसने तुम्हें यतीम नहीं पाया, फिर ठिकाना दिया?)

  7. व व-ज-दका ज़ाल्लन फ-हदा।
    (और उसने तुम्हें (रास्ते से) बेखबर पाया, तो रास्ता दिखाया।)

  8. व व-ज-दका आ-इलन फ-अगना।
    (और उसने तुम्हें नादार (ज़रूरतमंद) पाया, तो गनी (मालदार) कर दिया।)

  9. फ-अम्मल यतीमा फला तक़हर।
    (तो तुम भी यतीम पर सख्ती न करना।)

  10. व अम्मस-सा-इला फला तनहर।
    (और मांगने वाले को न झिड़कना।)

  11. व अम्मा बि-निअ्मति रब्बिका फ-हद्दिस।
    (और अपने रब की नेमतों का ज़िक्र (शुक्र) करते रहना।)


सूरह दुहा की फजीलत

यह सूरह डिप्रेशन (Depression) और उदासी का बेहतरीन इलाज है। जब भी आप अकेलापन महसूस करें या लगे कि अल्लाह आपसे दूर है, तो इस सूरह को तर्जुमे के साथ पढ़ें। यह याद दिलाती है कि अल्लाह ने आपको कभी नहीं छोड़ा और वो आपको इतना देगा कि आप खुश हो जाएंगे।


नतीजा (Conclusion):

सूरह दुहा हमें पॉजिटिव रहना सिखाती है। यह अल्लाह की मोहब्बत और उसकी नेमतों का अहसास दिलाती है।

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