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Miswak Ke Fayde in Hindi - मिस्वाक करने का तरीका और फजीलत

Miswak Ke Fayde (मिस्वाक के फायदे): जानिए मिस्वाक क्या है? मिस्वाक करने का सुन्नत तरीका, इसकी फजीलत और वैज्ञानिक फायदे हिंदी में।

Miswak Ke Fayde in Hindi - मिस्वाक करने का तरीका और फजीलत

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मिस्वाक (Miswak) इस्लाम में एक बहुत अहम सुन्नत है। यह न सिर्फ मुँह की सफाई का बेहतरीन जरिया है, बल्कि अल्लाह की रज़ा हासिल करने का सबब भी है।

प्यारे नबी हज़रत मुहम्मद (ﷺ) ने मिस्वाक को बहुत पसंद फरमाया है। आज की साइंस भी मिस्वाक के फायदों को मानती है।

इस आर्टिकल में हम Miswak Ke Fayde, इसका सुन्नत तरीका और इससे जुड़े ज़रूरी मसाइल जानेंगे।

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मिस्वाक की फजीलत (Virtues of Miswak)

हदीस में मिस्वाक की बहुत फजीलत आई है:

  1. अल्लाह की रज़ा: नबी (ﷺ) ने फरमाया: “मिस्वाक मुँह की सफाई का जरिया और रब की रज़ा का सबब है।” (बुखारी)
  2. नमाज़ का सवाब: रिवायतों में आता है कि मिस्वाक करके पढ़ी गई नमाज़ का सवाब, बिना मिस्वाक वाली नमाज़ से 70 गुना ज़्यादा है।
  3. मौत के वक़्त आसानी: उलमा फरमाते हैं कि जो शख्स मिस्वाक का आदी होता है, उसे मरते वक़्त कलमा नसीब होता है।
  4. नबी की चाहत: आप (ﷺ) ने फरमाया: “अगर मुझे अपनी उम्मत पर दुश्वारी का डर न होता, तो मैं उन्हें हर नमाज़ के वक़्त मिस्वाक का हुक्म देता।” (बुखारी, मुस्लिम)

मिस्वाक करने का सुन्नत तरीका (Miswak Ka Tarika)

मिस्वाक करने के कुछ आदाब और तरीके हैं:

  1. पकड़ने का तरीका: मिस्वाक को दाहिने (Right) हाथ में इस तरह पकड़ें कि छोटी उंगली नीचे हो, अंगूठा ऊपर (ब्रश वाली साइड के करीब) हो और बाकी तीन उंगलियां ऊपर हों।
  2. शुरुआत: दाहिनी तरफ (Right side) के दांतों से शुरू करें।
  3. दिशा: मिस्वाक को दांतों की चौड़ाई में (Horizontally) मलें, लंबाई में नहीं।
  4. धोना: इस्तेमाल से पहले और बाद में मिस्वाक को धो लें।
  5. सााइज़: मिस्वाक एक बालिश्त (Hand span) से ज़्यादा लंबी न हो और छोटी उंगली जितनी मोटी हो।
  6. काटना: जब रेशे खराब हो जाएं तो उन्हें काट दें और नया रेशा बनाएं।

मिस्वाक कब करनी चाहिए?

  • वज़ू करते वक़्त (कुल्ली से पहले)।
  • नमाज़ के लिए खड़े होते वक़्त।
  • कुरान की तिलावत से पहले।
  • सो कर उठने के बाद।
  • सोने से पहले।
  • घर में दाखिल होते वक़्त।
  • जब मुँह का जायका बदल जाए।

मिस्वाक के फायदे (Benefits of Miswak)

मिस्वाक के बेशुमार दीनी और दुनियावी फायदे हैं:

  1. मसूड़ों की मजबूती: यह मसूड़ों को मजबूत बनाती है और खून आने से रोकती है।
  2. पाचन: यह खाने को हज़म करने में मदद करती है।
  3. नज़र: इससे नज़र तेज़ होती है।
  4. बलगम: यह बलगम को खत्म करती है।
  5. याददाश्त: इससे याददाश्त (Memory) तेज़ होती है।
  6. सफाई: दांतों का पीलापन दूर करती है और मुँह की बदबू खत्म करती है।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q. कौन सी लकड़ी की मिस्वाक सबसे बेहतर है?
A.

पीलू (Peelu) और जैतून (Olive) की लकड़ी की मिस्वाक सबसे बेहतर मानी जाती है। नीम की मिस्वाक भी फायदेमंद है।

Q. क्या औरतें भी मिस्वाक कर सकती हैं?
A. जी हाँ, मिस्वाक करना मर्दों और औरतों दोनों के लिए सुन्नत है।
Q. क्या रोज़े में मिस्वाक कर सकते हैं?
A. जी हाँ, रोज़े की हालत में भी मिस्वाक करना जायज़ और सुन्नत है।

अल्लाह हमें इस प्यारी सुन्नत को अपनी ज़िन्दगी में शामिल करने की तौफीक अता फरमाए। आमीन।

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