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Istinja Ke Masail in Hindi - इस्तन्जा करने का सही तरीका और दुआ

Istinja Ke Masail (इस्तन्जा के मसाइल): जानिए इस्तन्जा क्या है? इसका सुन्नत तरीका, बैतुल खला (Toilet) जाने की दुआ और आदाब। पाकी हासिल करने के ज़रूरी मसाइल हिंदी में।

Istinja Ke Masail in Hindi - इस्तन्जा करने का सही तरीका और दुआ

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इस्तन्जा (Istinja) इस्लाम में पाकी (Taharat) हासिल करने का एक अहम हिस्सा है। नजासत (गंदगी) से पाक हुए बिना न वज़ू होता है और न ही नमाज़।

इसलिए हर मुसलमान के लिए Istinja Ke Masail और इसका सही तरीका जानना बेहद ज़रूरी है। इस आर्टिकल में हम इस्तन्जा का सुन्नत तरीका, दुआएं और ज़रूरी मसाइल तफसील से जानेंगे।

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इस्तन्जा क्या है? (What is Istinja?)

पेशाब या पाखाना करने के बाद शर्मगाह (Private Parts) को पानी या मिट्टी/टिशू से साफ़ करने को इस्तन्जा कहते हैं। यह सुन्नत-ए-मुअक्कदा है और पाकी हासिल करने के लिए ज़रूरी है।

इस्तन्जा का सुन्नत तरीका (Istinja Ka Tarika)

  1. पहले ढेले या टिशू का इस्तेमाल: अगर मुमकिन हो तो पहले मिट्टी के ढेले या टिशू पेपर से नजासत को साफ़ करें (ताकि हाथ सीधे नजासत पर न लगे)।
  2. पानी का इस्तेमाल: फिर पानी से अच्छी तरह धोएं।
  3. बायां हाथ: धोने के लिए हमेशा बाएं (Left) हाथ का इस्तेमाल करें।
  4. सफाई: इतना धोएं कि बदबू और चिकनाहट खत्म हो जाए और दिल मुतमइन हो जाए।

नोट: आज के दौर में टिशू पेपर और पानी दोनों का इस्तेमाल करना सबसे बेहतर (Afzal) है। अगर सिर्फ पानी से धो लें तो भी जायज़ है।

बैतुल खला (Toilet) के आदाब

इस्लाम ने हमें टॉयलेट जाने के भी आदाब सिखाए हैं:

  1. सर ढकना: टॉयलेट जाने से पहले सर ढक लें और जूते-चप्पल पहन लें।
  2. दुआ: दाखिल होने से पहले दुआ पढ़ें।
  3. बायां पैर: अंदर जाते वक़्त पहले बायां (Left) पैर रखें।
  4. किबला: टॉयलेट में बैठते वक़्त चेहरा या पीठ किबला (Kaaba) की तरफ न हो।
  5. बातचीत: टॉयलेट में बात करना या अल्लाह का ज़िक्र करना मना है।
  6. दाहिना पैर: बाहर निकलते वक़्त पहले दाहिना (Right) पैर निकालें।
  7. बाद की दुआ: बाहर आकर दुआ पढ़ें।

टॉयलेट जाने और निकलने की दुआ (Toilet Dua)

टॉयलेट में दाखिल होने की दुआ

اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ مِنَ الْخُبْثِ وَالْخَبَائِثِ

हिंदी: अल्लाहुम्मा इन्नी अऊज़ु बिका मिनल खुबुसि वल खबाइसि तर्जुमा: ऐ अल्लाह! मैं तेरी पनाह मांगता हूँ नर और मादा शैतानों (की बुराई) से।

टॉयलेट से निकलने की दुआ

غُفْرَانَكَ الْحَمْدُ لِلَّهِ الَّذِي أَذْهَبَ عَنِّي الْأَذَى وَعَافَانِي

हिंदी: गुफ़रानका, अल्हम्दु लिल्लाहिल लज़ी अज़हबा अन्निल अज़ा व आफ़ानी तर्जुमा: (ऐ अल्लाह) मैं तेरी बख्शिश चाहता हूँ। सब तारीफें अल्लाह के लिए हैं जिसने मुझसे तकलीफ देने वाली चीज़ दूर की और मुझे आफियत दी।

इस्तन्जा के ज़रूरी मसाइल

  1. दाहिना हाथ: दाहिने (Right) हाथ से इस्तन्जा करना या शर्मगाह को छूना मकरूह है।
  2. खड़े होकर पेशाब करना: बिना किसी मजबूरी के खड़े होकर पेशाब करना मकरूह और खिलाफ-ए-अदब है। इससे कपड़ों पर छींटे पड़ने का डर रहता है।
  3. कागज़ का इस्तेमाल: लिखने-पढ़ने वाले कागज़ से इस्तन्जा करना मना है। सिर्फ टॉयलेट पेपर (Tissue) का इस्तेमाल जायज़ है।
  4. ज़मज़म: आब-ए-ज़मज़म से इस्तन्जा करना हराम/नाजायज़ है।
  5. इस्तिब्रा (Istibra): पेशाब के बाद तसल्ली करना ज़रूरी है कि कतरे आना बंद हो गए हैं। इसके लिए थोड़ा टहलना या खांसना चाहिए।

वसवसा (Doubts) का इलाज

अक्सर लोगों को इस्तन्जा के बाद वहम होता है कि कतरा आ गया।

  • अगर सिर्फ वहम (Doubts) है तो ध्यान न दें।
  • इस्तन्जा के बाद पानी के कुछ छींटे अपने कपड़ों (अंडरवियर) पर मार लें ताकि गीलेपन का शक पानी की तरफ जाए।
  • अगर यकीन हो जाए कि कतरा आया है, तो उस हिस्से को धोना और वज़ू दोबारा करना ज़रूरी है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q. क्या खड़े होकर पेशाब करना गुनाह है?
A.

गुनाह नहीं, लेकिन मकरूह (नापसंदीदा) है। नबी (ﷺ) ने ज़्यादातर बैठकर पेशाब किया है। खड़े होकर करने से कपड़े नापाक होने का खतरा रहता है।

Q. अगर पानी न हो तो इस्तन्जा कैसे करें?
A.

अगर पानी मौजूद न हो, तो पत्थर या टिशू पेपर से अच्छी तरह पोंछ लेना काफी है।

Q. क्या वज़ू के बचे हुए पानी से इस्तन्जा कर सकते हैं?
A.

जी हाँ, कर सकते हैं। लेकिन इस्तन्जा के लिए अलग पानी लेना बेहतर है।


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अल्लाह हमें पाकी और सफाई का एहतमाम करने की तौफीक अता फरमाए। आमीन।

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