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Chand Dekhne Ki Dua: नया चाँद देखने की दुआ, सुन्नत और तरीका
Chand Dekhne Ki Dua: इस्लाम में नया चाँद (New Moon) देखना सुन्नत है। जानिए चाँद देखने की दुआ हिंदी, अरबी और इंग्लिश में, और इसे पढ़ने की फजीलत।

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इस्लाम में महीनों का हिसाब चाँद (Lunar Calendar) से चलता है। चाहे रमज़ान हो, ईद हो या मुहर्रम, हर महीने की शुरुआत नया चाँद देखने से होती है।
नबी करीम (ﷺ) जब भी नया चाँद देखते थे, तो अल्लाह से खैर, बरकत और सलामती की दुआ मांगते थे। यह एक सुन्नत है जिसे आज हम अक्सर भूल जाते हैं।
इस आर्टिकल में हम Chand Dekhne Ki Dua, उसका हिंदी और इंग्लिश तर्जुमा, और चाँद देखने के आदाब जानेंगे।
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नया चाँद देखने की दुआ (Chand Dekhne Ki Dua)
जब भी आप नया चाँद (हिलाल) देखें, तो यह दुआ पढ़ें:
“اللَّهُمَّ أَهِلَّهُ عَلَيْنَا بِالْأَمْنِ وَالْإِيمَانِ، وَالسَّلَامَةِ وَالْإِسْلَامِ، وَالتَّوْفِيقِ لِمَا تُحِبُّ وَتَرْضَى، رَبِّي وَرَبُّكَ اللَّهُ”
हिंदी में उच्चारण (Transliteration)
“अल्लाहुम्मा अहिल-लहू अलैना बिल-अम्नि वल-ईमान, वस-सलामति वल-इस्लाम, वत-तौफ़ीक़ि लिमा तुहिब्बु व तरज़ा, रब्बी व रब्बुकल-लाह”
हिंदी तर्जुमा (Translation)
(ऐ अल्लाह! हम पर इस चाँद को अमन, ईमान, सलामती और इस्लाम के साथ तुलू (निकाल) फरमा। और उस चीज़ की तौफीक दे जो तुझे पसंद है और जिससे तू राज़ी है। (ऐ चाँद!) मेरा और तेरा रब अल्लाह है।) (तिर्मिज़ी: 3451)
Chand Dekhne Ki Dua in English
“Allahumma Ahil-lahu ‘Alaina Bil-Amni Wal-Imaan, Was-Salamati Wal-Islam, Wat-Tawfeeqi Lima Tuhibbu Wa Tarda, Rabbi Wa Rabbuk-Allah”
Translation: (O Allah, bring it over us with safety and faith, and security and Islam, and guidance to what You love and is pleasing to You. (O Moon!) My Lord and your Lord is Allah.)
चाँद देखने की सुन्नतें और आदाब
- चाँद तलाश करना: हर महीने की 29 तारीख को शाम के वक़्त चाँद तलाश करना सुन्नत है।
- दुआ पढ़ना: चाँद नज़र आते ही ऊपर दी गई दुआ पढ़ना।
- शहादत (गवाही): अगर रमज़ान या ईद का चाँद हो, तो इसकी गवाही देना या काज़ी/कमेटी तक खबर पहुँचाना।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q. क्या ईद के चाँद की दुआ अलग होती है?
नहीं, हर महीने का नया चाँद (चाहे रमज़ान का हो, ईद का हो या मुहर्रम का) देखने की दुआ एक ही है जो ऊपर बताई गई है।
Q. अगर चाँद न दिखे तो क्या करें?
अगर 29 तारीख को आसमान साफ़ न हो या चाँद न दिखे, तो उस महीने के 30 दिन पूरे करें और अगले दिन से नया महीना शुरू समझें।
Q. क्या चाँद को उंगली से इशारा करना मना है?
इस्लाम में चाँद को उंगली से इशारा करने की कोई सख्त मनाही नहीं है, लेकिन कुछ लोग इसे मकरूह समझते हैं। बेहतर है कि बस देखें और दुआ पढ़ें।
नतीजा (Conclusion)
चाँद देखना अल्लाह की कुदरत का एक नज़ारा है। जब भी नया चाँद देखें, तो अल्लाह को याद करें और यह दुआ पढ़ें ताकि आने वाला महीना आपके लिए खैर और बरकत वाला हो।
अल्लाह हमें सुन्नतों पर चलने की तौफीक दे। आमीन।





