Taraweeh Counter: Online Taraweeh Tracker तरावीह की रकात

Taraweeh Counter: Online Taraweeh Rakat Tracker तरावीह की रकात याद रखने का आसान टूल। जानिए तरावीह की दुआ, तरीका और औरतों की नमाज़ के मसले।

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तरावीह काउंटर (Taraweeh Counter)

तरावीह (Taraweeh) रमज़ान के महीने में ईशा की नमाज़ के बाद पढ़ी जाने वाली एक विशेष नमाज़ है। अक्सर लंबी रकात होने की वजह से हम भूल जाते हैं कि कितनी रकात पढ़ ली हैं या कितने सलाम फेर लिए हैं।

हमारा Taraweeh Counter Tool आपको आसानी से अपनी तरावीह की रकातों का हिसाब रखने में मदद करता है।

इस टूल का मक़सद आपकी इबादत में आसानी पैदा करना है ताकि आप रकात भूलने की परेशानी से बच सकें और पूरा ध्यान नमाज़ पर लगा सकें।

तरावीह की अहमियत (Importance of Taraweeh)

रमज़ान में तरावीह पढ़ना सुन्नत-ए-मुअक्कदा है। हदीस में आता है:

“जो शख्स रमज़ान में ईमान और सवाब की नियत से (तरावीह के लिए) खड़ा हुआ, उसके पिछले गुनाह माफ़ कर दिए जाएंगे।” (सहीह बुखारी)

यह नमाज़ अल्लाह के करीब होने और कुरान सुनने का बेहतरीन ज़रिया है।

तरावीह का तरीका (Taraweeh Ka Tarika)

तरावीह की नमाज़ ईशा की फ़र्ज़ और सुन्नत के बाद पढ़ी जाती है।

  1. नियत (Niyyah): “नियत की मैंने 2 रकात नमाज़ सुन्नत तरावीह की, वक़्त ईशा का, पीछे इस इमाम के (अगर जमात से हो), मुँह मेरा काबा शरीफ की तरफ।”
  2. रकात (Rakat): यह नमाज़ 2-2 रकात करके पढ़ी जाती है।
  3. वित्र (Witr): तरावीह खत्म होने के बाद वित्र की नमाज़ पढ़ी जाती है।

👉 तफसील से तरीका जानने के लिए पढ़ें: Taraweeh Namaz Ka Tarika

तरावीह की दुआ (Taraweeh Dua / Tasbeeh)

हर 4 रकात के बाद थोड़ी देर आराम करना (Tarweeha) मुस्तहब है। इस दौरान आप यह दुआ पढ़ सकते हैं:

“सुब्हान ज़िल मुल्कि वल मलकूत, सुब्हान ज़िल इज़्ज़ति वल अज़मति वल हैबति वल कुदरति वल किबरियाई वल जबरूत। सुब्हानल मलिकिल हैय्यिल्लज़ी ला यनामु वला यमूत, सुब्बुहुन कुद्दूसुन रब्बुना व रब्बुल मलाइकाति वर्रूह। अल्लाहुम्मा अजिरना मिनन्नार, या मुजीरु या मुजीरु या मुजीरु।“

तरावीह की रकात: 8 या 20?

तरावीह की रकात की तादाद पर उलेमा की अलग-अलग राय हैं। अक्सर मस्जिदों में 20 रकात तरावीह पढ़ाई जाती है, जबकि कुछ लोग 8 रकात पढ़ते हैं। आप अपनी मस्जिद या मसलक के हिसाब से काउंटर सेट कर सकते हैं। दोनों ही सूरतों में नियत अल्लाह की इबादत की होनी चाहिए।

इस टूल का इस्तेमाल कैसे करें? (How to Use)

  1. Target Set Karein: सबसे पहले अपना टारगेट सेलेक्ट करें (20 Rakats या 8 Rakats)।
  2. Count Karein: हर 2 रकात (एक सलाम) के बाद ”+ 2 Rakats” बटन दबाएं। आप “Salam” काउंट भी देख सकते हैं।
  3. Correction & Reset: अगर गलती हो जाए तो ”- 2 Rakats” से कम करें। पूरी गिनती दोबारा शुरू करने के लिए “Reset” बटन दबाएं।
  4. Save Daily Progress: जब आपकी तरावीह पूरी हो जाए, तो “Save & New Day” पर क्लिक करें। इससे आज का रिकॉर्ड हिस्ट्री में सेव हो जाएगा और काउंटर 0 हो जाएगा।
  5. History & Chart: नीचे दिए गए “Last 7 Days” चार्ट और हिस्ट्री लिस्ट में आप अपनी पिछले दिनों की प्रोग्रेस देख सकते हैं। आप हिस्ट्री को Edit या Delete भी कर सकते हैं।

औरतों की तरावीह (Taraweeh for Women)

औरतों के लिए भी तरावीह की नमाज़ सुन्नत-ए-मुअक्कदा है। लेकिन उनके लिए मस्जिद जाने के बजाय घर के अंदरूनी हिस्से में नमाज़ पढ़ना ज़्यादा अफ़ज़ल (बेहतर) है।

  1. घर पर जमात: अगर घर में कोई हाफ़िज़ या कारी है, तो औरतें उनके पीछे जमात से तरावीह पढ़ सकती हैं।
  2. अकेले पढ़ना: अगर जमात का इंतज़ाम न हो, तो औरतें अकेले ही अपनी नमाज़ अदा करें।
  3. तरीका: औरतों की तरावीह का तरीका भी मर्दों जैसा ही है, बस नियत और परदे का ख्याल रखना ज़रूरी है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q. क्या तरावीह की नमाज़ फ़र्ज़ है?
A.

नहीं, तरावीह की नमाज़ सुन्नत-ए-मुअक्कदा है। इसे पढ़ना बहुत सवाब का काम है, लेकिन अगर कोई वजह से छूट जाए तो गुनाह नहीं होगा, मगर सवाब से महरूमी होगी।

Q. तरावीह की नमाज़ का वक़्त कब होता है?
A.

तरावीह का वक़्त ईशा की नमाज़ के बाद शुरू होता है और फज्र की अज़ान तक रहता है। इसे वित्र से पहले पढ़ना बेहतर है।

Q. क्या हम घर पर तरावीह पढ़ सकते हैं?
A.

जी हाँ, तरावीह घर पर अकेले या जमात के साथ पढ़ी जा सकती है। लेकिन मस्जिद में जमात के साथ पढ़ना ज़्यादा अफ़ज़ल है। औरतें घर पर ही तरावीह पढ़ें तो बेहतर है।

Q. अगर तरावीह की कुछ रकात छूट जाए तो क्या करें?
A.

अगर आप जमात में देर से शामिल हुए हैं, तो इमाम के साथ बाकी नमाज़ पूरी करें। छूटी हुई रकात बाद में पूरी कर लें या जितनी मिल गयी उस पर शुक्र करें (अगर जमात खत्म हो गयी हो)।

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