· Iffat Zia · Quran  · 2 min read

Surah Zilzal in Hindi: सूरह ज़लज़ला का तर्जुमा और फजीलत

Surah Zilzal in Hindi: यह सूरह कुरान के चौथाई हिस्से के बराबर है। जानिए कयामत के ज़लज़ले का मंज़र और हिंदी तर्जुमा।

Surah Zilzal in Hindi: सूरह ज़लज़ला का तर्जुमा और फजीलत

Table of Contents

सूरह ज़लज़ला (Surah Az-Zalzalah) कुरान मजीद की 99वीं सूरह है। “ज़लज़ला” का मतलब है भूचाल (Earthquake)

इस सूरह में कयामत के दिन आने वाले भयानक ज़लज़ले और उस दिन होने वाले हिसाब-किताब का नक़्शा खींचा गया है। हदीस में इसे “आधा कुरान” या “चौथाई कुरान” के बराबर कहा गया है।

ये भी पढ़े: Jalzala: Allah Ki Azmaish Ya Azab?

Surah Zilzal in Hindi (Full Transliteration & Translation)

बिस्मिल्लाहिर रहमानिर रहीम

  1. इज़ा ज़ुलज़िलातिल-अर्ज़ु ज़िलज़ालहा।
    (जब ज़मीन अपने (सख्त) भूचाल से हिला दी जाएगी।)

  2. व अख़-र-जतिल-अर्ज़ु अष्क़ालहा।
    (और ज़मीन अपने (अंदर के) बोझ बाहर निकाल फेंकेगी।)

  3. व क़ालल-इंसानु मा लहा।
    (और इंसान कहेगा: इसे क्या हो गया है?)

  4. यौम-इज़िन तुहद्दिसु अख़बारहा।
    (उस दिन वो (ज़मीन) अपनी खबरें बयान करेगी।)

  5. बि-अन्ना रब्बका औहा लहा।
    (इसलिए कि तेरे रब ने उसे हुक्म दिया होगा।)

  6. यौम-इज़िंय-यस्दुरुन-नासु अश्तातल-लि-युरौ अअ्मालहुम।
    (उस दिन लोग अलग-अलग गिरोह होकर लौटेंगे ताकि उन्हें उनके आमाल दिखाए जाएं।)

  7. फ-मय्यअ्मल मिस्क़ाला ज़र्रतिन खैरंय-यरह।
    (तो जिसने ज़र्रा बराबर (भी) नेकी की होगी, वो उसे देख लेगा।)

  8. व मय्यअ्मल मिस्क़ाला ज़र्रतिन शर्रंय-यरह।
    (और जिसने ज़र्रा बराबर (भी) बुराई की होगी, वो उसे देख लेगा।)


सूरह ज़लज़ला की फजीलत

यह सूरह इंसान को झिंझोड़ देती है कि दुनिया में किया गया छोटे से छोटा काम (नेकी हो या बदी) कयामत के दिन सामने आ जाएगा। यह हमें गुनाहों से बचने और नेकी करने की फिक्र दिलाती है।


नतीजा (Conclusion):

सूरह ज़लज़ला हमें याद दिलाती है कि यह दुनिया फानी है और असली ज़िंदगी आखिरत की है। हमें चाहिए कि हम अपनी हर छोटी-बड़ी नेकी और गुनाह का हिसाब रखें।

अल्लाह हमें कयामत की सख्ती से महफूज़ रखे। आमीन।

    Share:
    Back to Blog