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Surah Yusuf in Hindi: सूरह यूसुफ का वाकिया और तर्जुमा

Surah Yusuf in Hindi: इसे "अहसनुल कसस" (सबसे बेहतरीन किस्सा) कहा गया है। पढ़िए हज़रत यूसुफ (अ.स.) की कहानी और सूरह यूसुफ का हिंदी तर्जुमा।

Surah Yusuf in Hindi: सूरह यूसुफ का वाकिया और तर्जुमा

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सूरह यूसुफ (Surah Yusuf) कुरान मजीद की 12वीं सूरह है। अल्लाह तआला ने इसे “अहसनुल क़सस” (कहानियों में सबसे बेहतरीन कहानी) कहा है।

यह पूरी सूरह हज़रत यूसुफ (अ.स.) की ज़िंदगी के उतार-चढ़ाव, उनके भाइयों की साज़िश, उनकी जुदाई, और फिर मिस्र का बादशाह बनने तक के सफर को बयान करती है। यह सब्र और यकीन की एक मिसाल है।

Surah Yusuf in Hindi (Beginning Verses)

यहाँ सूरह यूसुफ की शुरुआती आयतों का तर्जुमा दिया गया है जहाँ से यह किस्सा शुरू होता है:

बिस्मिल्लाहिर रहमानिर रहीम

  1. अलिफ़-लाम-रा, तिलका आयातुल-किताबिल मुबीन।
    (अलिफ़-लाम-रा, ये रौशन किताब की आयतें हैं।)

  2. इन्ना अनज़ल्नाहु क़ुरआनन अरबिय्यल-ल-अल्लकुम तअ्क़िलून।
    (बेशक हमने इसे अरबी कुरान बनाकर नाज़िल किया ताकि तुम समझ सको।)

  3. नहनु नक़ुस्सु अलैक अहसनल-क़ससि बिमा औहयना इलैक हाज़ल-क़ुरआन, व इन कुन्त मिन क़ब्लिही ल-मिनल गाफिलीन।
    (हम तुम्हारे सामने एक बेहतरीन किस्सा बयान करते हैं, इस कुरान के ज़रिए जो हमने तुम्हारी तरफ वही (Wahi) किया, और बेशक तुम इससे पहले (इस वाकिये से) बेखबर थे।)

  4. इज़ क़ाल यूसुफु लि-अबीहि या अबति इन्नी र-अइतु अहद अशर कौकबंव-वश-शम्स वल-क़मर, र-अइतुहुम ली साजिदीन।
    (जब यूसुफ ने अपने बाप (याकूब अ.स.) से कहा: ऐ मेरे अब्बा जान! मैंने (ख्वाब में) ग्यारह सितारे और सूरज और चाँद देखे हैं, मैंने उन्हें अपने आपको सज्दा करते हुए देखा।)

  5. क़ाल या बुनय्य ला तक़सुस रुअ्याक अला इख़्वतिक फ-यकीदू लका कैदा, इन्नश-शैतान लिल-इंसानि अदुव्वुम-मुबीन।
    ((याकूब अ.स. ने) कहा: ऐ मेरे प्यारे बेटे! अपना ख्वाब अपने भाइयों को न सुनाना, वरना वो तेरे खिलाफ कोई गहरी चाल चलेंगे, बेशक शैतान इंसान का खुला दुश्मन है।)


सूरह यूसुफ से मिलने वाले सबक

  1. सब्र का फल: हज़रत यूसुफ (अ.स.) ने कुएं की अंधेरी, गुलामी और जेल की तकलीफों पर सब्र किया, तो अल्लाह ने उन्हें मिस्र का तख्त अता किया।
  2. माफ़ी: इतनी तकलीफें देने के बावजूद उन्होंने अपने भाइयों को माफ़ कर दिया।
  3. अल्लाह की तदबीर: इंसान कुछ सोचता है, लेकिन होता वही है जो अल्लाह चाहता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q. सूरह यूसुफ पढ़ने का क्या फायदा है?
A.

इसे पढ़ने से गम और परेशानी दूर होती है। यह सिखाती है कि मुश्किल के बाद आसानी ज़रूर आती है। जो लोग डिप्रेशन या मुश्किल हालात में हों, उन्हें यह सूरह ज़रूर पढ़नी चाहिए।

Q. क्या यह सूरह खूबसूरती के लिए पढ़ी जाती है?
A.

हज़रत यूसुफ (अ.स.) बहुत खूबसूरत थे, लेकिन कुरान पढ़ने का मकसद हिदायत लेना है, न कि सिर्फ खूबसूरती मांगना। हाँ, अल्लाह से दुआ की जा सकती है।


नतीजा (Conclusion):

सूरह यूसुफ सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि ज़िंदगी जीने का सलीका है। यह हमें सिखाती है कि हालात चाहे कितने भी बुरे हों, अल्लाह की रहमत से कभी मायूस नहीं होना चाहिए।

अल्लाह हमें सब्र करने वालों में शामिल फरमाए।

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