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Iffat Zia
· Quran · 2 min read

Surah Kausar in Hindi: सूरह कौसर की फजीलत और तर्जुमा

Surah Kausar in Hindi: जानिए कुरान की सबसे छोटी सूरह, सूरह कौसर का हिंदी तर्जुमा और फजीलत। यह सूरह नबी (ﷺ) को तसल्ली देने के लिए नाज़िल हुई।

Surah Kausar in Hindi: सूरह कौसर की फजीलत और तर्जुमा

Table of Contents

सूरह कौसर (Surah Al-Kausar) कुरान मजीद की 108वीं सूरह है और यह कुरान की सबसे छोटी सूरह है। “कौसर” का मतलब है “खैर-ए-कसीर” यानी बहुत ज़्यादा भलाई (Abundance)। यह मक्का में नाज़िल हुई और इसमें सिर्फ 3 आयतें हैं।

यह सूरह उस वक़्त नाज़िल हुई जब मक्का के काफिर हमारे प्यारे नबी (ﷺ) को ताना देते थे कि आपके बेटे नहीं हैं, इसलिए आपका नाम-ओ-निशान मिट जाएगा। अल्लाह ने अपने नबी को तसल्ली देने और उनकी शान बताने के लिए यह सूरह नाज़िल की।

इस आर्टिकल में हम Surah Kausar in Hindi, इसका तर्जुमा और अहमियत जानेंगे।

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सूरह कौसर की अहमियत (Importance of Surah Al-Kausar)

  1. नबी (ﷺ) को तसल्ली: यह सूरह नबी (ﷺ) के लिए अल्लाह की तरफ से एक बड़ी तसल्ली थी।
  2. अल्लाह का इनाम: इसमें अल्लाह ने अपने नबी को “कौसर” अता करने की खुशखबरी दी, जो जन्नत की एक नहर और बहुत सारी भलाइयों का नाम है।
  3. शुक्र का हुक्म: अल्लाह ने इनाम के बदले में अपने नबी को नमाज़ पढ़ने और क़ुरबानी करने का हुक्म दिया, जो शुक्र अदा करने का बेहतरीन तरीका है।

Surah Kausar in Hindi (Hindi Mein)

बिस्मिल्लाहिर रहमानिर रहीम

  1. इन्ना अअ्तैना कल-कौसर।
    (बेशक हमने तुम्हें कौसर अता किया।)

  2. फ-सल्लि लि-रब्बिका वन्हर।
    (तो तुम अपने रब के लिए नमाज़ पढ़ो और क़ुरबानी करो।)

  3. इन्ना शानि-अ-क हुवल-अब्तर।
    (बेशक तुम्हारा दुश्मन ही बे-नस्ल (जिसकी जड़ कटी हो) है।)


अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q. कौसर (Kausar) का क्या मतलब है?
A.

“कौसर” का मतलब है “खैर-ए-कसीर” यानी बहुत ज़्यादा भलाई। यह जन्नत की एक नहर का भी नाम है जो अल्लाह ने अपने नबी (ﷺ) को अता की है, जिससे मोमिन कयामत के दिन पानी पिएंगे।

Q. यह सूरह क्यों नाज़िल हुई?
A.

यह सूरह उस वक़्त नाज़िल हुई जब मक्का के काफिर नबी (ﷺ) को उनके बेटों की वफात (मृत्यु) पर ताना देते थे और उन्हें “अब्तर” (जिसकी नस्ल खत्म हो जाए) कहते थे। अल्लाह ने उन्हें तसल्ली दी कि आपका नाम हमेशा रहेगा और आपके दुश्मन ही बे-नाम-ओ-निशान होंगे।

Q. अब्तर (Abtar) का क्या मतलब है?
A.

“अब्तर” का मतलब है “जड़ कटा हुआ” या “बे-नस्ल”। इस सूरह में यह लफ्ज़ नबी (ﷺ) के दुश्मनों के लिए इस्तेमाल हुआ है, जिनका नाम आज कोई नहीं जानता।


नतीजा (Conclusion)

सूरह कौसर हमें सिखाती है कि इज़्ज़त और ज़िल्लत अल्लाह के हाथ में है। अल्लाह जिसे चाहे, उसे दुनिया और आखिरत की भलाइयां अता करता है। हमें अल्लाह की नेमतों का शुक्र नमाज़ और क़ुरबानी के ज़रिए अदा करना चाहिए।

अल्लाह हमें शुक्रगुज़ार बंदा बनाए और अपने नबी (ﷺ) की सच्ची मोहब्बत अता करे। आमीन।

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