Surah At-Takwir in Hindi: सूरह तकवीर की फजीलत और तर्जुमा
Surah At-Takwir in Hindi: जानिए सूरह तकवीर की फजीलत और हिंदी तर्जुमा। इस सूरह में कयामत के दिन सूरज के बेनूर होने और सितारों के बिखरने का ज़िक्र है।

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सूरह अत-तकवीर (Surah At-Takwir) कुरान मजीद की 81वीं सूरह है। “तकवीर” का मतलब है “लपेट देना” (The Overthrowing)। यह मक्का में नाज़िल हुई (मक्की सूरह) और इसमें 29 आयतें हैं।
इस सूरह में कयामत के दिन का बहुत ही खौफनाक मंजर बयान किया गया है। अल्लाह तआला फरमाता है कि उस दिन सूरज की रोशनी खत्म हो जाएगी, सितारे बिखर जाएंगे और पहाड़ अपनी जगह से चला दिए जाएंगे। इसके अलावा, इसमें उस ज़माने की एक बहुत बुरी रस्म (बेटियों को ज़िंदा दफन करना) का ज़िक्र है और बताया गया है कि उस दिन उस मासूम बच्ची से पूछा जाएगा कि उसे किस गुनाह में मारा गया।
इस आर्टिकल में हम Surah At-Takwir in Hindi, इसका तर्जुमा और फजीलत आसान लफ्ज़ों में जानेंगे।
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सूरह तकवीर की फजीलत (Benefits of Surah At-Takwir)
कयामत का मंजर: हदीस में आता है कि जो शख्स कयामत के दिन को अपनी आँखों से देखना चाहता है, उसे चाहिए कि वह सूरह तकवीर, सूरह इन्फितार और सूरह इन्शिकाक पढ़े।
बेटियों की अहमियत: यह सूरह उन लोगों के लिए सख्त चेतावनी है जो बेटियों को बोझ समझते हैं। अल्लाह ने मासूम बच्चियों के कत्ल को बहुत बड़ा गुनाह बताया है।
कुरान की सच्चाई: इस सूरह में कसम खाकर बताया गया है कि यह कुरान किसी शैतान का कलाम नहीं, बल्कि एक बा-इज्ज़त फरिश्ते (जिब्रील अ.स.) के ज़रिए नाज़िल हुआ है।
अल्लाह की मर्जी: आखिर में बताया गया है कि इंसान चाहे जो भी इरादा करे, होता वही है जो अल्लाह रब्बुल आलमीन चाहता है।
Surah At-Takwir in Hindi (Transliteration & Translation)
बिस्मिल्लाहिर रहमानिर रहीम
इज़श-शम्सु कुव्विरत।
(जब सूरज लपेट दिया जाएगा (बेनूर हो जाएगा)।)व इज़न-नुजूमुन्-कदरत।
(और जब तारे बिखर जाएंगे (धुंधले पड़ जाएंगे)।)व इज़ल-जिबालु सुय्यिरत।
(और जब पहाड़ चला दिए जाएंगे।)व इज़ल-इशारु उत्तिलत।
(और जब दस महीने की गर्भवती ऊँटनियां बेकार छोड़ दी जाएंगी।)व इज़ल-वुहूशु हुशिरत।
(और जब जंगली जानवर इकट्ठे किए जाएंगे।)व इज़ल-बिहारु सुज्जित।
(और जब समंदर भड़का दिए जाएंगे (आग बन जाएंगे)।)व इज़न-नुफूसु ज़ुव्विजत।
(और जब जानें (रूहें) जिस्मों से मिला दी जाएंगी।)व इज़ल-मौ-ऊदतु सु-इलात।
(और जब ज़िंदा दफन की गई बच्ची से पूछा जाएगा।)बि-अय्यि ज़म्बिन कुतिलत।
(कि वह किस गुनाह में मारी गई?)व इज़स-सुहुफु नुशिरत।
(और जब आमालनामे (रजिस्टर) खोल दिए जाएंगे।)व इज़स-समा-उ कुशितत।
(और जब आसमान की खाल खींच ली जाएगी।)व इज़ल-जहीमु सुअ्-इरत।
(और जब जहन्नम भड़काई जाएगी।)व इज़ल-जन्नतु उज़लिफत।
(और जब जन्नत करीब ले आई जाएगी।)अलिमत नफ़्सुम-मा अह-ज़रत।
(तब हर जान जान लेगी कि वह क्या लेकर आई है।)फ़ला उक़्सिमु बिल-ख़ुन्नस।
(तो मैं कसम खाता हूँ पीछे हटने वाले तारों की।)अल-जवारिल-कुन्नस।
(जो सीधे चलते हैं और छुप जाते हैं।)वल्लैलि इज़ा अस-अस।
(और रात की जब वह रुखसत होने लगे।)वस्सुब्हि इज़ा तनफ्फस।
(और सुबह की जब वह सांस ले (रोशन हो जाए)।)इन्नहू ल-क़ौलु रसूलिन करीम।
(बेशक यह (कुरान) एक बा-इज्ज़त फरिश्ते (जिब्रील) का लाया हुआ कलाम है।)ज़ी कुव्वतिन इन्द ज़िल-अर्श मकीन।
(जो कुव्वत वाला है, अर्श वाले (अल्लाह) के पास रुतबे वाला है।)मुता-इन सम्मा अमीन।
(वहां उसकी बात मानी जाती है, वह अमानतदार है।)व मा साहिबुकुम बि-मजनून।
(और (ऐ मक्का वालों!) तुम्हारे साथी (मुहम्मद स.अ.व.) दीवाने नहीं हैं।)व लक़द र-आहु बिल-उफुक़िल-मुबीन।
(और उन्होंने उस (फरिश्ते) को खुले आसमान के किनारे पर देखा है।)व मा हुवा अलल-ग़ैबि बि-ज़नीन।
(और वह गैब की बातों (वही) को बताने में कंजूस नहीं हैं।)व मा हुवा बि-क़ौलि शैतानिर-रजीम।
(और यह (कुरान) किसी दुधकारे हुए शैतान का कलाम नहीं है।)फ़-अइना तज़हबून।
(तो तुम किधर जा रहे हो?)इन हुवा इल्ला ज़िक्रुल-लिल-आलमीन।
(यह तो सारे जहान वालों के लिए एक नसीहत है।)लिमन शा-अ मिन्कुम अंय-यस्तक़ीम।
(उसके लिए जो तुम में से सीधा चलना चाहे।)व मा तशा-ऊना इल्ला अंय-यशा-अल्लाहु रब्बुल-आलमीन।
(और तुम नहीं चाह सकते मगर वही जो अल्लाह चाहे, जो सारे जहानों का रब है।)
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q. सूरह तकवीर का मतलब क्या है?
“तकवीर” का मतलब है “लपेट देना”। कयामत के दिन सूरज की रोशनी खत्म हो जाएगी और उसे लपेट दिया जाएगा, इसी मंजर की वजह से इसका यह नाम है।
Q. 'मौ-ऊदतु' (Maw'oodah) कौन है?
“मौ-ऊदतु” उस बच्ची को कहते हैं जिसे अरब के जाहिल लोग पैदा होते ही ज़िंदा दफन कर देते थे। अल्लाह ने इस जुल्म को सख्त नापसंद किया है और कयामत के दिन इसका हिसाब लिया जाएगा।
Q. इस सूरह का असल पैगाम क्या है?
इस सूरह का असल पैगाम यह है कि कयामत का आना यकीनी है और उस दिन हर चीज़ बदल जाएगी। यह कुरान अल्लाह का सच्चा कलाम है जो हिदायत के लिए आया है, इसलिए हमें इसे मानकर सीधी राह पर चलना चाहिए।
नतीजा (Conclusion)
सूरह तकवीर हमें कयामत की दहशत याद दिलाती है। जब सूरज जैसा बड़ा सितारा बेनूर हो सकता है और पहाड़ अपनी जगह छोड़ सकते हैं, तो इंसान की क्या हैसियत है?
यह सूरह हमें बताती है कि अल्लाह को हर जान की फिक्र है, यहाँ तक कि उस मासूम बच्ची की भी जिसे ज़ालिमों ने मार डाला। हमें चाहिए कि हम कुरान की नसीहत को मानें और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की मर्जी के मुताबिक ढालें।
अल्लाह हमें कयामत की तैयारी करने और कुरान को समझकर पढ़ने की तौफीक दे। आमीन।





