Paak Karne Ka Tareeqa: कपड़े, बदन और चीज़ों को पाक करने का सही तरीका
Paak Karne Ka Tareeqa in Hindi: सफाई आधा ईमान है। जानिए इस्लाम में पाकी की अहमियत, कपड़े, बदन और चीज़ों को पाक करने का सही तरीका और फितरत के काम।

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Paak Karne Ka Tareeqa: इस्लाम में पाकी (सफाई) का बहुत बड़ा मकाम है। हदीस में आता है कि “सफाई आधा ईमान है”। अक्सर हमें मसले पता नहीं होते और हम अनजाने में नापाक रह जाते हैं, जिससे हमारी नमाज़ और इबादत कबूल नहीं होती।
इस आर्टिकल में हम Paak Karne Ka Tareeqa तफसील से जानेंगे कि अगर कपड़ा, बदन या घर का कोई सामान नापाक हो जाए तो उसे पाक कैसे करें।
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1. इस्लाम में सफाई की अहमियत (Importance of Cleanliness)
इस्लाम में सफाई-सुथराई को बहुत अहमियत दी गई है। हमारे प्यारे नबी हज़रत मुहम्मद (ﷺ) ने फरमाया: “सफाई आधा ईमान है (Safai Adha Iman Hai)।”
अल्लाह तआला कुरान में फरमाता है: “बेशक अल्लाह तौबा करने वालों को और पाक-साफ़ रहने वालों को पसंद करता है।” (सूरह बकरा: 222)
एक मुसलमान के लिए ज़रूरी है कि वह अपने जिस्म, कपड़ों और जगह को पाक रखे। गंदगी से दूर रहना और पाकीज़गी इख्तियार करना अल्लाह के करीब होने का जरिया है।
2. नापाकी क्या होती है? (What is Impurity?)
इस्लाम में कुछ चीज़ें ऐसी हैं जो खुद नापाक (Najasat) हैं, जैसे:
- शराब
- सुअर (Pig)
- इंसान का पेशाब और पाखाना
- जानवर का गोबर और बहता हुआ खून
अगर ये चीज़ें किसी पाक चीज़ (कपड़े या बदन) पर लग जाएं, तो वो भी नापाक हो जाती हैं। उन्हें पाक करने के लिए धोना ज़रूरी है।
3. फितरत के काम: जिस्मानी सफाई (Personal Hygiene)
पाकी सिर्फ कपड़ों की नहीं, बल्कि जिस्म की भी ज़रूरी है। इस्लाम ने हमें “फितरत” के कुछ काम बताए हैं जिन्हें करना सुन्नत और सफाई का हिस्सा है:
- नाखून काटना: हर हफ्ते या कम से कम 40 दिन के अंदर नाखून काटना।
- बालों की सफाई: बगल और नाफ (Navel) के नीचे के बाल साफ़ करना।
- मूंछें कतरना: मूंछों को छोटा रखना।
- खतना (Circumcision): खतना कराना।
- मिस्वाक: दांतों की सफाई करना।
इन चीज़ों का ख्याल रखना “सफाई आधा ईमान है” पर अमल करना है।
4. कपड़ों को पाक करने का तरीका (How to Clean Clothes)
कपड़ों को पाक करने के लिए यह देखना होगा कि नजासत (गंदगी) कैसी है:
अगर नजासत दिखाई दे (जैसे खून, पाखाना, गोबर)
अगर कपड़े पर ऐसी गंदगी लगी है जो दिखाई देती है, तो उसे तब तक धोएं जब तक वह गंदगी दूर न हो जाए। इसमें गिनती की कोई शर्त नहीं है (कि 3 बार ही धोना है)। अगर एक बार धोने से साफ़ हो जाए तो पाक है, वरना और धोएं।
- अगर धोने के बाद भी हल्का सा रंग या धब्बा रह जाए और वो आसानी से न छूटे, तो कोई हर्ज नहीं, कपड़ा पाक माना जाएगा।
अगर नजासत दिखाई न दे (जैसे पेशाब, शराब)
अगर कपड़े पर पेशाब जैसी पतली गंदगी लगी हो जो सूखने के बाद दिखाई न दे, तो उसे पाक करने का तरीका यह है:
- कपड़े को धोएं और पूरी ताकत से निचोड़ें।
- फिर दोबारा धोएं और निचोड़ें।
- फिर तीसरी बार धोएं और निचोड़ें।
- तीसरी बार निचोड़ने के बाद कपड़ा पाक हो जाएगा।
नोट: निचोड़ने का मतलब यह है कि अपनी पूरी ताकत लगा दें कि अब उसमें से पानी का एक कतरा भी न टपके।
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5. कालीन, गद्दे और जूते को पाक करना
कुछ चीज़ें ऐसी होती हैं जिन्हें निचोड़ा नहीं जा सकता (जैसे कालीन, दरी, जूते, या भारी कंबल)। उन्हें पाक करने का तरीका अलग है:
- कालीन या दरी: जिस जगह नजासत लगी हो, उसे धोएं और छोड़ दें जब तक पानी टपकना बंद न हो जाए। फिर दोबारा धोएं और छोड़ दें। ऐसा तीन बार करें। तीसरी बार जब पानी टपकना बंद हो जाएगा तो वह पाक हो जाएगी।
- जूते/चमड़ा: अगर चमड़े के जूते या मोज़े पर गाढ़ी गंदगी (गोबर वगैरह) लगी हो और सूख जाए, तो उसे खुरच कर या रगड़ कर साफ़ करने से वो पाक हो जाते हैं। लेकिन अगर पेशाब लगा हो तो धोना ज़रूरी है।
6. बर्तन पाक करने का तरीका
- मिट्टी या चीनी के बर्तन: अगर बर्तन नापाक हो जाए (जैसे कुत्ता मुंह डाल दे या शराब पी ली जाए), तो उसे तीन बार धोने से वो पाक हो जाता है।
- लोहे/तांबे के बर्तन: इन्हें भी तीन बार धोना काफी है। बेहतर है कि मिट्टी या राख/साबुन से मांझ लिया जाए।
7. ज़मीन और दीवार को पाक करना
- ज़मीन: अगर ज़मीन पर पेशाब या कोई गंदगी गिर जाए और वो सूख जाए, और गंदगी का असर (रंग या बदबू) खत्म हो जाए, तो वो ज़मीन पाक हो जाती है। उस पर नमाज़ पढ़ सकते हैं, लेकिन उससे तयम्मुम नहीं कर सकते।
- पेड़-पौधे: ज़मीन में लगे पेड़ या घास अगर नापाक हो जाएं, तो सूखने पर पाक हो जाते हैं।
8. इस्तिंजा (Istinja) और बदन की पाकी
सिर्फ कपड़े ही नहीं, बल्कि बदन का पाक होना भी ज़रूरी है।
- इस्तिंजा: पेशाब या पाखाना करने के बाद पानी से धोना सुन्नत है। अगर पानी न हो तो ढेले या टिश्यू पेपर का इस्तेमाल कर सकते हैं।
- बदन पर नजासत: अगर बदन के किसी हिस्से पर गंदगी लग जाए, तो उसे तीन बार धोने से वो पाक हो जाता है।
- गुस्ल (Ghusl): अगर नापाकी “हद्से अकबर” (जैसे एहतलाम, हमबिस्तरी या हैज़) की वजह से है, तो सिर्फ धोने से काम नहीं चलेगा, बल्कि गुस्ल (नहाना) फ़र्ज़ होगा।
9. चिकनी चीज़ों (Smooth Surfaces) को पाक करना
ऐसी चीज़ें जिनमें गंदगी जज़्ब (Absorb) नहीं होती, जैसे शीशा (Mirror), चाकू, पॉलिश की हुई लकड़ी या टाइल्स। अगर इन पर नजासत लग जाए, तो इन्हें गीले कपड़े से अच्छी तरह पोंछ देने से भी ये पाक हो जाती हैं। धोने की शर्त नहीं है।
10. खाने-पीने की चीज़ों का मसला
- घी/तेल: अगर जमे हुए घी में चूहा या कोई गंदगी गिर जाए, तो उस हिस्से को और उसके आसपास के घी को निकाल कर फेंक दें, बाकी घी पाक है। लेकिन अगर घी पिघला हुआ (Liquid) है, तो वो पूरा नापाक हो जाएगा।
- बहने वाली चीज़ें: अगर दूध, शोरबा या पानी में थोड़ी सी भी नजासत गिर जाए, तो वो पूरा नापाक हो जाता है।
11. हमबिस्तरी (Intercourse) के बाद पाकी
इस्लाम में हमबिस्तरी (Shohar aur Biwi ka milna) के बाद दोनों पर गुस्ल (Ghusl) फ़र्ज़ हो जाता है। बिना नहाए वो पाक नहीं हो सकते और न ही नमाज़ पढ़ सकते हैं।
- गुस्ल कब फ़र्ज़ होता है? जब शर्मगाहें (Private parts) आपस में मिल जाएं, चाहे मनी (Discharge) निकले या न निकले, दोनों पर नहाना फ़र्ज़ है।
- कपड़ों का मसला: अगर हमबिस्तरी के दौरान कपड़ों पर कोई नजासत (मनी वगैरह) नहीं लगी, तो वो कपड़े पाक हैं। उन्हें दोबारा पहन सकते हैं। लेकिन अगर नजासत लग गई है, तो सिर्फ उस हिस्से को धो लेना काफी है, पूरा कपड़ा धोना ज़रूरी नहीं।
- बिस्तर की चादर: अगर चादर पर धब्बा लग गया है, तो सिर्फ धब्बे वाली जगह को तीन बार धो लें, पूरी चादर धोने की ज़रूरत नहीं।
12. कुछ ज़रूरी मसले (Important Rules)
- मनी (Sperm): अगर कपड़े पर मनी लगकर सूख जाए, तो उसे खुरच कर साफ़ करने से कपड़ा पाक हो जाता है। लेकिन अगर गीली हो तो धोना ज़रूरी है।
- तेल/घी: अगर कपड़े में नापाक तेल लग जाए, तो उसे तीन बार धोने से पाक हो जाएगा, चाहे चिकनाई बाकी रहे।
- शक: अगर आपको शक हो कि कपड़ा नापाक है या नहीं, तो उसे पाक ही माना जाएगा जब तक कि यकीन न हो जाए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q. क्या वाशिंग मशीन में कपड़े पाक हो जाते हैं?
जी हाँ, अगर वाशिंग मशीन में कपड़े तीन बार धुले और खंगाले (Rinse) जाएं और हर बार पानी निकल जाए, तो कपड़े पाक हो जाते हैं। ऑटोमेटिक मशीनों में यह सिस्टम होता है।
Q. अगर कपड़े के एक हिस्से पर गंदगी लगी हो तो क्या पूरा कपड़ा धोना ज़रूरी है?
नहीं, सिर्फ वही हिस्सा धोना ज़रूरी है जहाँ गंदगी लगी है। लेकिन अगर भूल जाएं कि कहाँ लगी थी, तो पूरा धोना बेहतर है।
Q. क्या परफ्यूम (Perfume) लगाने से कपड़े नापाक होते हैं?
ज्यादातर उलमा के नज़दीक परफ्यूम या डियोड्रेंट में इस्तेमाल होने वाला एल्कोहल (Synthetic Alcohol) नापाक नहीं होता, इसलिए उसे लगाकर नमाज़ पढ़ना जायज़ है।
नतीजा:
दीन-ए-इस्लाम में पाकी का बहुत ख्याल रखा गया है। अल्लाह तआला तौबा करने वालों और पाक रहने वालों को पसंद करता है। हमें चाहिए कि हम अपनी और अपने घर की सफाई का खास ख्याल रखें।
अल्लाह हमें दीन की सही समझ अता फरमाए। आमीन।
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