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Exam Me Kamiyabi Ki Dua: इम्तिहान में कामयाबी की दुआ और वज़ीफ़ा
Exam Me Kamiyabi Ki Dua: क्या आप इम्तिहान (Exam) को लेकर परेशान हैं? जानिए एग्जाम में कामयाबी, याददाश्त बढ़ाने और पेपर आसान होने की बेहतरीन दुआएं।

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इम्तिहान (Exam) का नाम सुनते ही अक्सर स्टूडेंट्स घबराहट और टेंशन महसूस करने लगते हैं। मेहनत करने के बावजूद कभी-कभी डर लगता है कि “कहीं मैं भूल न जाऊं” या “पेपर मुश्किल न आ जाए”।
इस्लाम हमें सिखाता है कि मेहनत (Hard Work) के साथ-साथ अल्लाह से मदद मांगना भी ज़रूरी है। इस आर्टिकल में हम Exam Me Kamiyabi Ki Dua और याददाश्त तेज़ करने के वज़ीफ़े जानेंगे।
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पढ़ाई शुरू करने की दुआ (Dua Before Studying)
जब भी पढ़ने बैठें, तो सबसे पहले यह दुआ पढ़ें ताकि अल्लाह आपके इल्म में बरकत दे:
“رَّبِّ زِدْنِي عِلْمًا”
“रब्बि ज़िदनी इल्मा”
(ऐ मेरे रब! मेरे इल्म में इज़ाफ़ा (बढ़ोत्तरी) फरमा।)
इम्तिहान में कामयाबी की दुआएं
1. सीना खोलने और ज़बान की गिरह खोलने की दुआ
अगर आपको घबराहट हो रही हो या वाइवा (Viva) देना हो, तो हज़रत मूसा (अ.स.) की यह दुआ पढ़ें:
“रब्बिश्-रह ली सदरी, व यस्सिर ली अमरी, वह-लुल उक़-दतम मिल-लिसानी, यफ़-क़हू क़ौली”
(ऐ मेरे रब! मेरा सीना खोल दे, मेरा काम आसान कर दे, और मेरी ज़बान की गिरह खोल दे ताकि लोग मेरी बात समझ सकें।) (सूरह ता-हा: 25-28)
2. मुश्किल आसान करने की दुआ
अगर पेपर मुश्किल लगे या कोई सवाल समझ न आए, तो यह दुआ पढ़ें:
“अल्लाहुम्मा ला सहला इल्ला मा ज-अल्तहू सहलन, व अंता तज-अलुल हज़ना इज़ा शिअता सहलन”
(ऐ अल्लाह! कोई काम आसान नहीं मगर जिसे तू आसान कर दे, और तू जब चाहे मुश्किल को आसान कर देता है।)
3. मदद तलब करने की दुआ
अगर बहुत ज़्यादा परेशानी हो और कोई रास्ता नज़र न आए, तो यह दुआ कसरत से पढ़ें (जो हज़रत नूह अ.स. ने मांगी थी):
“रब्बी इन्नी मगलूबुन फन-तसिर”
(ऐ मेरे रब! मैं बेबस हूँ, मेरी मदद फरमा।) (सूरह कमर: 10)
इम्तिहान में कामयाबी के लिए ज़रूरी बातें
सिर्फ दुआ काफी नहीं, इन बातों का भी ख्याल रखें:
- मेहनत: अल्लाह उन लोगों की मदद करता है जो खुद कोशिश करते हैं। अपनी तैयारी पूरी रखें।
- नमाज़ की पाबंदी: पंज-वक्ता नमाज़ पढ़ें, इससे वक़्त में बरकत होती है और ज़हन ताज़ा रहता है।
- बा-वुज़ू रहना: कोशिश करें कि वुज़ू की हालत में पढ़ाई करें।
- तवक्कुल: अपनी मेहनत के बाद नतीजे (Result) के लिए अल्लाह पर भरोसा रखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q. क्या दुआ पढ़ने से बिना पढ़े पास हो सकते हैं?
नहीं, इस्लाम में मेहनत शर्त है। दुआ आपकी मेहनत में बरकत डालती है और आसानी पैदा करती है, लेकिन मेहनत की जगह नहीं ले सकती।
Q. याददाश्त (Memory) तेज़ करने के लिए क्या करें?
गुनाहों से बचें, क्योंकि गुनाह इल्म को भुला देते हैं। और कसरत से “रब्बि ज़िदनी इल्मा” पढ़ें। बादाम और अखरोट खाना भी फायदेमंद है।
Q. एग्जाम हॉल में जाते वक़्त क्या पढ़ें?
एग्जाम हॉल में दाखिल होते वक़्त “बिस्मिल्लाह” पढ़ें और आयतुल कुर्सी पढ़ लें, इससे शैतानी वसवसों से हिफाज़त रहती है।
नतीजा (Conclusion)
कामयाबी अल्लाह के हाथ में है। आप अपनी तरफ से पूरी कोशिश करें और अल्लाह से बेहतरीन की उम्मीद रखें। इंशाअल्लाह, अल्लाह आपको मायूस नहीं करेगा।
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