Dil Ki Bechaini Ki Dua: दिल के सुकून और घबराहट की दुआ
Dil Ki Bechaini Ki Dua: जानिए दिल की बेचैनी, घबराहट और डिप्रेशन दूर करने की बेहतरीन दुआएं। अल्लाह के ज़िक्र से ही दिलों को सुकून मिलता है।

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आजकल की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में दिल की बेचैनी (Anxiety) और घबराहट एक आम समस्या बन गई है। कभी काम का बोझ, कभी रिश्तों की उलझनें, तो कभी भविष्य की चिंता इंसान को अंदर से परेशान कर देती है।
इस्लाम में हर बीमारी और परेशानी का इलाज मौजूद है। अल्लाह तआला ने कुरान मजीद में फरमाया है कि “बेशक अल्लाह के ज़िक्र से ही दिलों को सुकून मिलता है।” (सूरह रद: 28)
इस आर्टिकल में हम Dil Ki Bechaini Ki Dua in Hindi, घबराहट दूर करने के वज़ीफ़े और दिल के सुकून के लिए कुछ मसनून दुआएं जानेंगे।
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दिल की बेचैनी दूर करने की दुआ (Quranic Dua for Peace)
कुरान मजीद की यह आयत दिल के सुकून के लिए सबसे बेहतरीन नुस्खा है। जब भी दिल घबराए या बेचैनी महसूस हो, तो इसे कसरत से पढ़ें:
सूरह अर-रद, आयत 28:
अला बि-ज़िक्रिल्लाहि तत्-म-इन्नुल क़ुलूब।
(सुन लो! अल्लाह के ज़िक्र से ही दिलों को इत्मीनान (सुकून) नसीब होता है।)
घबराहट और परेशानी की मसनून दुआएं (Masnoon Duas for Anxiety)
हदीसों में हमारे प्यारे नबी (स.अ.व.) ने परेशानी और गम को दूर करने के लिए कई दुआएं सिखाई हैं।
1. गम और फिक्र की दुआ
जब भी आप किसी गम या चिंता में मुब्तला हों, तो यह दुआ पढ़ें:
अल्लाहुम्मा इन्नी अ-ऊज़ु बिका मिनल-हम्मि वल-हज़नि, वल-अज्ज़ि वल-कसलि, वल-बुख़्लि वल-जुब्नि, व ज़ल-अिद-दैनि व गल-बतिर-रिजाल।
(ऐ अल्लाह! मैं तेरी पनाह मांगता हूँ फिक्र और गम से, और लाचारी और सुस्ती से, और कंजूसी और बुज़दिली से, और कर्ज़ के बोझ से और लोगों के दबदबे से।)
2. या हय्यु या क़य्यूम
परेशानी के वक्त नबी (स.अ.व.) इस दुआ को बहुत पढ़ते थे:
या हय्यु या क़य्यूम, बि-रहमतिका अस्तगीस।
(ऐ हमेशा ज़िंदा रहने वाले, ऐ सबको थामने वाले! मैं तेरी रहमत के वास्ते से मदद मांगता हूँ।)
3. आयत-ए-करीमा (Ayat-e-Kareema)
यह दुआ हज़रत यूनुस (अ.स.) ने मछली के पेट में पढ़ी थी। यह मुसीबत और बेचैनी दूर करने के लिए बहुत ताकतवर है:
ला इलाहा इल्ला अन्ता सुभानका इन्नी कुन्तु मिनज़-ज़ालिमीन।
(तेरे सिवा कोई माबूद नहीं, तू पाक है, बेशक मैं ही कसूरवारों में से हूँ।)
दिल को सुकून कैसे मिलेगा? (Tips for Peace of Mind)
दुआओं के साथ-साथ इन बातों का भी ख्याल रखें:
- नमाज़ की पाबंदी: नमाज़ अल्लाह से बातें करने का ज़रिया है। जब आप सजदे में जाकर अपने रब से अपना हाल कहते हैं, तो दिल का बोझ हल्का हो जाता है।
- कुरान की तिलावत: रोज़ाना थोड़ा सा कुरान तर्जुमे के साथ पढ़ें। अल्लाह का कलाम रूह की गिज़ा (Food for Soul) है।
- इस्तग़फ़ार (Istighfar): कसरत से “अस्तग़फिरुल्लाह” पढ़ें। गुनाहों की माफी मांगने से अल्लाह गमों को दूर कर देता है।
- दुरुद शरीफ: नबी (स.अ.व.) पर दुरुद भेजने से अल्लाह की रहमतें नाज़िल होती हैं और परेशानियां खत्म होती हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q. क्या कोई छोटी दुआ है जिसे चलते-फिरते पढ़ सकते हैं?
हाँ, आप चलते-फिरते “हस्बुनल्लाहु व निअ्मल वकील” (अल्लाह हमारे लिए काफी है और वो बेहतरीन कारसाज़ है) पढ़ सकते हैं। यह दिल को बहुत ताकत देता है।
Q. रात को नींद न आए और बेचैनी हो तो क्या करें?
रात को सोने से पहले आयतल कुर्सी और चारों कुल (सूरह काफिरून, इखलास, फलक, नास) पढ़कर अपने ऊपर दम करें। और “सुभानअल्लाह” (33 बार), “अल्हम्दुलिल्लाह” (33 बार) और “अल्लाहु अकबर” (34 बार) पढ़ें।
Q. डिप्रेशन (Depression) के लिए कौन सी सूरह पढ़ें?
सूरह अद-दुहा (Surah Ad-Duha) और सूरह अल-इन्शिराह (Surah Al-Inshirah) डिप्रेशन और मायूसी दूर करने के लिए बहुत मुफीद हैं। इन सूरतों में अल्लाह ने नबी (स.अ.व.) को तसल्ली दी थी।
नतीजा (Conclusion)
दिल की बेचैनी और घबराहट का सबसे बड़ा इलाज अल्लाह पर भरोसा (Tawakkul) है। जब हम यह मान लेते हैं कि हर चीज़ अल्लाह के हाथ में है और वो हमारे लिए जो भी करेगा बेहतर करेगा, तो दिल को सुकून मिल जाता है।
अपनी परेशानियों को अल्लाह के हवाले कर दें और दुआओं का सहारा लें।
अल्लाह हमारे दिलों को सुकून अता फरमाए और हर किस्म की घबराहट और परेशानी से महफूज़ रखे। आमीन।




